भारत की आत्मा पर हमला हो रहा है: कोलंबिया में बोले राहुल गांधी

rahul gandhi columbia speech: कोलंबिया की EIA यूनिवर्सिटी में जब राहुल गांधी मंच पर खड़े हुए, तो सामने बैठे युवा छात्र शायद भारत की राजनीति से उतने वाकिफ नहीं थे। लेकिन जब उन्होंने बोलना शुरू किया, तो यह साफ हो गया कि वे सिर्फ भारत की बात नहीं कर रहे थे — वे उस लोकतंत्र की बात कर रहे थे जो धीरे-धीरे दबाया जा रहा है।
“भारत में लोकतंत्र पर हमला हो रहा है,” राहुल गांधी ने कहा, और उनकी आवाज में चिंता साफ झलक रही थी।
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संस्थाएं कमजोर हो रही हैं, विपक्ष की आवाज दब रही है
राहुल का कहना था कि भारत की ताकत उसकी विविधता और संस्थागत स्वतंत्रता रही है। लेकिन आज की सत्ता चाहती है कि हर संस्था—चाहे वो मीडिया हो, चुनाव आयोग या न्यायपालिका—बस एक दिशा में देखे, बस एक ही आवाज सुने।
जब संस्थाएं सत्ता के आगे झुक जाती हैं, तो देश की आत्मा टूटने लगती है।
उन्होंने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि लोकतंत्र सिर्फ चुनावों का नाम नहीं है, यह असहमति की आवाज को जगह देने का नाम है। आज, भारत में यही सबसे बड़ा संकट है।
नोटबंदी, GST और सेंट्रलाइज्ड करप्शन
राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने साफ कहा नोटबंदी और GST ने भारत की रीढ़ तोड़ दी। लाखों छोटे कारोबार खत्म हो गए। नौकरियों की बर्बादी हुई।
उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार कुछ गिने-चुने बड़े कॉरपोरेट्स के फायदे के लिए पूरे सिस्टम को सेंट्रलाइज कर रही है, जिससे देश में रोजगार का संकट बढ़ता जा रहा है।
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चीन से सीखें, लेकिन लोकतंत्र बचाए रखें
राहुल ने एक अहम बिंदु उठाया—चीन से हमें प्रोडक्शन मॉडल सीखने की जरूरत है, लेकिन यह जरूरी है कि हम उसकी तरह आवाजें न दबाएं। भारत को चाहिए कि वह लोकतंत्रिक तरीके से आर्थिक विकास करे। उन्होंने कहा
21वीं सदी केवल फैक्ट्रियों से नहीं चलेगी, बल्कि उस सोच से चलेगी जिसमें हर नागरिक को बराबर का दर्जा मिले।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भारत का भविष्य
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर बात करते हुए राहुल गांधी ने एक पर्सनल टच दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में जब कंप्यूटर आए थे, तो सबने सोचा कि नौकरियां खत्म हो जाएंगी।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी तरह AI भी नौकरियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उन्हें बदल देगा। जरूरी है कि भारत इस बदलाव के लिए शिक्षा और हेल्थ सेक्टर में निवेश करे।
गरीब को शिक्षा और इलाज नहीं मिला तो देश महान नहीं बन सकता
राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि भारत का बड़ा तबका प्राइवेट अस्पतालों और स्कूलों की पहुंच से बाहर है। अगर सरकार आम नागरिक को बुनियादी सुविधाएं नहीं देती, तो वह ‘विकास’ का दावा खोखला बन जाता है।
हमारी पार्टी मानती है कि किसी भी देश की असली तरक्की तब होती है, जब सबसे गरीब आदमी को भी वही अधिकार मिले जो सबसे अमीर को हैं।
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