रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 19 दिसंबर को अपनी पारंपरिक सालाना समीक्षा और प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश और दुनिया से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की । राजधानी मॉस्को के गोस्टिनी ड्वोर में आयोजित इस कार्यक्रम में पुतिन ने 2025 की उपलब्धियों का जिक्र किया और 2026 के लिए रूस की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया. यह कार्यक्रम रूस में बेहद अहम माना जाता है क्योंकि इसमें राष्ट्रपति सीधे पत्रकारों और आम नागरिकों के सवालों का जवाब देते हैं ।

यूक्रेन संकट पर पुतिन का रुख
यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन ने दो टूक कहा कि रूस शांति वार्ता के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए पश्चिम और कीव को भी ईमानदारी दिखानी होगी , उन्होंने कहा कि रूस ने किसी भी प्रस्ताव को खारिज नहीं किया है और गेंद अब पूरी तरह यूक्रेन नेतृत्व और उसके यूरोपीय समर्थकों के पाले में है पुतिन ने यह भी आरोप लगाया कि यूरोप द्वारा रूसी संपत्तियों को जब्त करने की कोशिश खुली लूट है और इसका अंतरराष्ट्रीय कानून से कोई लेना-देना नहीं है । उनके मुताबिक ऐसे कदम वैश्विक वित्तीय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर करेंगे।
पश्चिम को चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुतिन का पश्चिमी देशों के लिए संदेश सख्त रहा । उन्होंने कहा कि अगर रूस के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाता तो किसी विशेष सैन्य अभियान की जरूरत ही नहीं पड़ती। पुतिन ने आरोप लगाया कि पश्चिम जानबूझकर तनाव बढ़ा रहा है और रूस को अपनी आंतरिक राजनीतिक विफलताओं का बहाना बना रहा है उन्होंने यह भी साफ किया कि यूरोप पर रूस के हमले की बातें पूरी तरह निराधार हैं और इन्हें सिर्फ डर का माहौल बनाने के लिए फैलाया जा रहा है।
अमेरिका और ट्रंप पर टिप्पणी
एनबीसी के एक पत्रकार के सवाल पर पुतिन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन संघर्ष को खत्म करने के लिए गंभीर प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि रूस एंकोरेज में पेश किए गए अमेरिकी प्रस्तावों से काफी हद तक सहमत है और समाधान की संभावना अब भी मौजूद है।
अर्थव्यवस्था और घरेलू मुद्दे
पुतिन ने कहा कि पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद रूसी अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है । उन्होंने ऊर्जा रक्षा और तकनीक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को रूस की बड़ी उपलब्धि बताया।
