puri bahuda yatra 2025: पुरी बहुड़ा यात्रा 2025: सुरक्षा, भगदड़ और पवित्र माहौल
puri bahuda yatra 2025: ओडिशा के पुरी में आज बहुड़ा यात्रा निकलेगी, जिसमें महाप्रभु जगन्नाथ, बलभद्र, और देवी सुभद्रा के तीनों रथ गुंडिचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर लौटेंगे। गुलाबी रंग के नंदीघोष, तालध्वज, दर्पदलन रथों की यह वापसी रथयात्रा 27 जून को निकली थी और तीनों रथ गुंडिचा मंदिर 28 जून को पहुंचे थे, जहाँ भगवान अपनी मौसी के घर ठहरते हैं।
दिनांक और समय
- बहुड़ा यात्रा 9 दिन के अंतराल के बाद आज यानी 5 जुलाई 2025 को निकलेगी ।
- रथों के दक्षिण-झुकाव (Dakshina Moda) और Sandhya Darshan के बाद मध्याह्न में Pahandi शुरू होगी, और शाम को लगभग 4 बजे रथ खींचे जाएंगे ।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- भारी जनसमूह को देखते हुए, पुलिस और CAPF के लगभग 6,000 राज्य पुलिस और 800 केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है।
- 275+ AI-सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और ट्रैफिक कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है ।
- 70 पुलिस प्लाटून तंबुओं की तैनाती से ट्रैफिक में सुधार का प्रयास जारी है ।
भगदड़ और चुनौतियां
- 29 जून को गुंडिचा मंदिर के सामने नंदीघोष रथ के पास भगदड़ में 3 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल हुए थे।
- कांग्रेस ने ओडिशा सरकार की लापरवाही पर निशाना साधा है, जबकि राज्य सरकार की ओर से भीड़ प्रबंधन में सुधार की कोशिशों का दावा किया गया है ।
धार्मिक महत्व और रस्में
बहुड़ा यात्रा का सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है:
- यह रथयात्रा गुंडिचा मंदिर से लौटकर श्री मंदिर की ओर वापस होती है और इसे कार वापसी उत्सव कहा जाता है ।
- रथ रास्ते में मौसी मां मंदिर के पास रुककर पूडा पीठ (Poda Pitha) अर्पित किया जाता है, जो देवी-देवताओं की लाज रखता है ।
- इससे भक्तों में उत्साह और भक्ति का सामूहिक जोश देखने को मिलता है।
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