पुलिस ने मार्च को बीच में ही रोक दिया
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में रविवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने भारत के विरोध में भारतीय उच्चायोग के सामने एक लंबा मार्च निकाला। हालांकि पुलिस ने मार्च को बीच में ही रोक दिया। इसके बाद बीएनपी के प्रतिनिधि समूह को पुलिस की मदद से भारतीय उच्चायोग को ज्ञापन सौंपने की अनुमति दी गई।
इस बीच बीएनपी के संयुक्त महासचिव रुहुल कबीर रिजवी ने भारत विरोधी बयान दिए। रिजवी ने कहा, ‘भारत बांग्लादेश को हर कदम पर नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने शेख हसीना को पनाह दी क्योंकि उन्हें बांग्लादेश के लोग पसंद नहीं करते हैं। भारत किसी का दोस्त नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा, ‘अगर भारत चटगांव की मांग करता है तो हम बंगाल, बिहार और ओडिशा को वापस ले लेंगे. भारत में सांप्रदायिकता बहुत है। शेख हसीना ने दिल्ली के आशीर्वाद से ही 16 साल तक बांग्लादेश पर शासन किया। भारत ने वकील अलिफ की हत्या के बारे में भी कुछ नहीं कहा है।
वकील सैफुल इस्लाम उर्फ अलिफ की 26 नवंबर को चटगांव में चिन्मय प्रभु के समर्थन में प्रदर्शन के दौरान हत्या कर दी गई थी। यह ज्ञात नहीं है कि वकील की मृत्यु कैसे हुई।
बीएनपी नेता रुहुल कबीर रिजवी का कहना है कि शेख हसीना ने दिल्ली की मदद से 16 साल तक बांग्लादेश में सरकार चलाई। लांग मार्च के दौरान राजधानी ढाका में भारतीय उच्चायोग के बाहर भीड़ जमा हो गई थी।
रिजवी ने दावा किया कि वीजा रोककर भारत ने बांग्लादेश को फायदा पहुंचाया है। उन्होंने कहा, ”इससे हमारा देश समृद्ध होगा। उत्पादन में वृद्धि होगी। इसने सीमा को बंद करके अच्छा काम किया। फैंसीडिल और याबा (दोनों ड्रग्स) भारत से आते थे, लेकिन अब नहीं आएंगे।
इस बीच सुबह से ही भारतीय उच्चायोग के सामने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सेना की तीन प्लाटून के साथ पुलिस भी यहां मौजूद है। इस दौरान कुछ आम यात्रियों को भी रोका गया और उनसे पूछताछ की गई कि क्या वे संदिग्ध पाए गए।
रुहुल कबीर रिजवी लगातार भारत विरोधी बयान दे रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने भारतीय साड़ियां जलाकर भारत का विरोध किया था। इसके बाद उन्होंने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से सभी भारतीय उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की।
