PM Modi France AI Summit 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के दौरे पर फ्रांस की राजधानी पेरिस में हैं। प्रधानमंत्री सोमवार की रात पेरिस पहुंचे उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया, और फ्रांस के रक्षा मंत्री सेब लेकॉर्नो ने उन्हें हवाई अड्डे पर स्वागत किया। पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय भी होटल पहुंचे थे।

पेरिस में उनके सम्मान में मशहूर एलिसी पैलेस में VVIP डिनर रखा गया। जिसमें फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज समेत प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल हुए। इस समिट में विश्वभर के नेता और तकनीकी विशेषज्ञ एआई के भविष्य, इसके संभावित प्रभाव और वैश्विक सहयोग के बारे में चर्चा करेंगे।
Read More: Bhopal Cyber crimes News: साइबर क्राइम से निपटने मोहन सरकार की बड़ी तैयारी
Here are highlights from the memorable welcome in Paris yesterday. pic.twitter.com/lgsWBlZqCl
— Narendra Modi (@narendramodi) February 11, 2025

मार्सिले में वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन
पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों इंटरनेशनल थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर परियोजना का दौरा करेंगे, जिसमें भारत और फ्रांस समेत अन्य साझीदार देशों का योगदान है। इसके अलावा, पीएम मोदी मार्सिले में वाणिज्य दूतावास का उद्घाटन करेंगे। और पीएम मोदी मजारग्यूज युद्ध समाधि स्थल पर उन भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जिन्होंने वर्ल्ड वॉर के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी।
द्विपक्षीय समझौतों पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों पर पर मुहर लग सकती है। इन समझौतों में मिलिट्री एयरक्राफ्ट, सबमरीन, और इंडिया-मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल होंगे। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर्स पर भी ठोस चर्चा हो सकती है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

एआई एक्शन समिट में सह अध्यक्षता
आज प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक्शन समिट 2025 की सह-अध्यक्षता करेंगे। जो कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बुलावे पर आयोजित हो रहा है। समिट का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में समावेशिता लाना और इस तकनीक के विकास और उपयोग को विश्वसनीय बनाना है। भारत इस दिशा में AI टूल्स के विश्वसनीय विकास और उपयोग पर जोर देगा।
