Chaarj Everest Estate Scam: पौड़ी गढ़वाल जिला कांग्रेस कमेटी ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर मसूरी स्थित चार्ज एवरेस्ट एस्टेट में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के नाम पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण के साथ मिलीभगत कर टेंडरों के माध्यम से हजारों करोड़ रुपए का महा घोटाला किया गया।

इस घोटाले की खबर सामने आने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के समीप प्रदेश सरकार का पुतला दहन कर विरोध जताया। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद नेगी ने भाजपा सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार को जनता के सामने उजागर किया।
भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप
विनोद नेगी ने कहा कि यह घोटाला भाजपा सरकार की भ्रष्ट नीतियों और पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने की मंशा को दर्शाता है। उनका कहना है कि एडवेंचर टूरिज्म विभाग की आड़ में किए गए इस भ्रष्टाचार से उत्तराखंड की छवि धूमिल हुई है और जनता के विश्वास के साथ धोखा हुआ है।

उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की। उनका यह भी कहना था कि ऐसे घोटाले से राज्य में रोजगार और पर्यटन क्षेत्र की विश्वसनीयता पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
विरोध प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल हुए
इस मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जिनमें शामिल थे:
- जिला अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ राहत हुसैन
- नगर अध्यक्ष भरत सिंह रावत
- जिला अध्यक्ष सोशल मीडिया उपेंद्र रावत
- कार्यकर्ता शबाना आजमी, यशोदा नेगी, युवा जिला महासचिव विमल कोहली, गणेश थपलियाल, मनमोहन सिंह डेनियल
- ग्राम प्रधान अभिषेक घंड़ियाल, अनिल कुमार, सर्वेश रावत, अनूप कुमार
- सभासद गौरव सागर
- एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेश भंडारी
- अन्य कार्यकर्ता दिनेश कोली, आकाश रावत, दीपक नौटियाल

सभी नेताओं ने मिलकर इस भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा विरोध जताया और कहा कि जनता को धोखा देने वाले अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
Chaarj Everest Estate Scam: चार्ज एवरेस्ट एस्टेट घोटाला
चार्ज एवरेस्ट एस्टेट घोटाले का मामला 2024 के अंत से 2025 की शुरुआत तक सामने आया। आरोप के अनुसार, एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के नाम पर टेंडरों की प्रक्रिया में अनियमितताएं और मिलीभगत की गई। टेंडरों के माध्यम से कई ठेके बड़े उद्योगपतियों और निजी कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए दिए गए, जबकि सरकारी प्रक्रिया और नियमों की अनदेखी की गई।
कांग्रेस का आरोप है कि इस घोटाले में राज्य के पर्यटन विभाग के कई अधिकारी और कुछ बाहरी व्यापारियों शामिल थे। इससे न केवल राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि स्थानीय लोगों और छोटे उद्यमियों को मौका नहीं मिला।
इस घोटाले के कारण उत्तराखंड की पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच समय पर न हुई तो इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश पर भी पड़ेगा।

कांग्रेस की मांग
राज्य सरकार से मांग की है कि:
- इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए।
- जनता और स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा की जाए।
- भविष्य में ऐसे घोटालों को रोकने के लिए टेंडर प्रक्रिया और निगरानी को सख्त किया जाए।
Chaarj Everest Estate Scam: हालांकि, अभी तक भाजपा सरकार या पर्यटन विभाग की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।
