Pandit Dhirendra Shastri Diwali firecracker statement : पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिवाली के मौके पर पटाखों को लेकर जो बयान दिया है, वह इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पटाखों पर नसीहतें या ज्ञान देना उचित नहीं है। उनका कहना है कि जैसे हम बकरीद या ताजिए पर किसी को ज्ञान नहीं देते, वैसे ही दिवाली और पटाखों पर भी किसी को उपदेश देने का अधिकार नहीं है दिवाली हमारे सांस्कृतिक और धार्मिक उत्सव का हिस्सा है, जिसे परंपरा के अनुसार मनाना हमारा अधिकार है।
दिवाली पर पटाखों को लेकर विवाद
पंडित शास्त्री ने माना कि प्रदूषण एक गंभीर विषय है और पटाखे जलाने से प्रदूषण होता है, पर उन्होंने बताया कि यह सवाल केवल हिंदू त्योहारों पर क्यों उठाया जाता है। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेताओं और अन्य बुद्धिजीवियों से अपील की कि वे सभी धर्मों के त्योहारों का समान सम्मान करें और न केवल हिंदू त्योहारों को टारगेट करें। उनका कहना है कि दिवाली केवल पटाखों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है।
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Pandit Dhirendra Shastri Diwali firecracker statement : धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक एकता की बात
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धार्मिक सहिष्णुता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा अगर कोई ‘आई लव मुहम्मद’ कहता है तो वह गलत नहीं है, उसी तरह ‘आई लव महादेव’ भी किसी के लिए बुरा नहीं हो सकता। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने धर्म से प्रेम करने का अधिकार होना चाहिए।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान सांस्कृतिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के पक्ष में है। वे अपने विचारों के माध्यम से लोगों को सामाजिक सद्भाव और पारस्परिक सम्मान की सीख दे रहे हैं। उनका कहना है कि हम अपने त्योहारों को श्रद्धा और खुशी के साथ मनाएं, लेकिन एक-दूसरे के त्योहारों का भी सम्मान करें।
इस बयान से एक बार फिर यह स्पष्ट होता है कि आज के समय में धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक विविधता की आवश्यकता कितनी अहम है। दिवाली जैसे शुभ मौके पर प्रेम, शांति और भाईचारे का संदेश फैलाना ही सही तरीका है।
