pakistan army chief munir: पाकिस्तान में क्रिप्टो बिजनेस ट्रम्प फैमिली की साझेदारी और रणनीति
pakistan army chief munir नई दिल्ली: पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को क्रिप्टो बिजनेस की जिम्मेदारी सौंपने का ऐलान किया गया है। इस डील की रूपरेखा वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से हुई मुलाकात में तय की गई। ट्रम्प परिवार के वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ पाकिस्तान के 17,000 करोड़ रुपए के क्रिप्टो व्यापार का करार हुआ था, और अब मुनीर इसे अपने हाथ में लेंगे।
पाकिस्तान सरकार और ट्रम्प परिवार का बड़ा प्लान
सूत्रों के मुताबिक, ट्रम्प परिवार का लक्ष्य अगले दो सालों में पाकिस्तान में क्रिप्टो बिजनेस को दोगुना करके 34 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इस डील को ऑपरेशन सिंधु के बाद मुनीर को सीजफायर के रूप में एक बड़ा इनाम माना जा रहा है।
डील में साजिद तरार का अहम रोल
इस डील में पाकिस्तान मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन साजिद तरार ने अहम भूमिका निभाई है। तरार रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े हैं और उनकी मैक्सिमस इन्वेस्टमेंट ग्रुप नामक फाइनेंस व रियल एस्टेट फर्म है। ट्रम्प और मुनीर के बीच डील करने में साजिद का अहम योगदान रहा है।
आर्मी के बिजनेस और क्रिप्टो की दिशा
पाकिस्तान की आर्मी का लगभग सवा दो लाख करोड़ रुपये का बिजनेस है, जो विभिन्न फाउंडेशन जैसे फौजी फाउंडेशन (एफडी), आर्मी वेलफेयर ट्रस्ट (एवीटी) और डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (डीएचए) के जरिए चलता है। ये संगठन सीमेंट, उर्वरक, ऊर्जा, और रियल एस्टेट जैसे व्यापार क्षेत्रों में सक्रिय हैं। आर्मी चीफ मुनीर की उम्मीद है कि वह इन आयों का एक हिस्सा क्रिप्टो करंसी में भी निवेश करेंगे, जिससे पाकिस्तान के क्रिप्टो बिजनेस को मजबूती मिल सके।
क्रिप्टो में आतंकवाद के फंडिंग का खतरा
हालांकि, क्रिप्टो करंसी के जरिए पाकिस्तान में आतंकवाद की फंडिंग को लेकर चिंताएं भी बढ़ रही हैं। एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की वॉचलिस्ट में पाकिस्तान होने के कारण इस पर अंतरराष्ट्रीय दबाव है। क्रिप्टो करंसी के ब्लॉकचेन में लेनदेन की जटिलता के कारण ट्रैकिंग करना मुश्किल हो जाता है, और इससे अवैध फंडिंग को छिपाने का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में पाकिस्तान क्रिप्टो करंसी का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए कर सकता है।
पाकिस्तानी आर्मी का बढ़ता प्रभाव
पाकिस्तान में आर्मी के व्यापार में निरंतर वृद्धि हो रही है, और अब आर्मी चीफ मुनीर के नेतृत्व में क्रिप्टो बिजनेस की दिशा तय की जाएगी। मुनीर के तहत पाकिस्तान की आर्मी के बड़े हिस्से को एक नई दिशा मिल सकती है, जो क्रिप्टो उद्योग में पाकिस्तान की सशक्त उपस्थिति को और मजबूत करेगा।
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