India Pakistan War: जंग के मैदान में सेना के साथ उतरेंगे धोनी और बिंद्रा!

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India Pakistan War: जंग के मैदान में सेना के साथ उतरेंगे धोनी और बिंद्रा!

india pakistan war जंग के मैदान में सेना के साथ उतरेंगे धोनी और बिंद्रा

India Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख को बड़ा अधिकार दिया है। उन्होंने टेरिटोरियल आर्मी को बुलाने की शक्तियां दी हैं। इसके तहत अब महेंद्र सिंह धोनी, अभिनव बिंद्रा, और अन्य टेरिटोरियल आर्मी से जुड़े प्रतिष्ठित नागरिकों को सेना के साथ काम पर बुलाया जा सकता है। इसके तहत उन्हें गार्ड ड्यूटी दी जा सकती है या फिर उन्हें सेना के साथ काम करने का आदेश दे सकते हैं। Read More: Colonel Sofiya Wing Commander Vyomika PC: पाकिस्तान नागरिकों को ढाल बना रहा, जानिए ऑपरेशन सिंदूर के तीसरे दिन क्या-क्या हुआ?

India Pakistan War: सरकार का बड़ा फैसला...

9 मई 2025 को भारत सरकार ने टेरिटोरियल आर्मी एक्ट 1948 के नियम 33 के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। इसके तहत थल सेना प्रमुख को अधिकार दिया गया है कि वे टेरिटोरियल आर्मी के सदस्यों को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी पर बुला सकते हैं।

पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक...

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हमला कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी। इसके जवाब में भारत ने 6 मई की रात को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला किया।

धोनी और बिंद्रा फिर निभा सकते हैं ड्यूटी..

महेंद्र सिंह धोनी ऑनरेरी लेफ्टिनेंट के पद पर हैं, उन्होंने सेना की पैराशूट रेजीमेंट के साथ ट्रेनिंग भी ली थी, जो 2011 में टेरिटोरियल आर्मी में शामिल हुए थे। उन्होंने 2019 में कश्मीर में विक्टर फोर्स के साथ 15 दिन की सेवा दी थी और सेना की पैराशूट रेजीमेंट से प्रशिक्षण भी प्राप्त किया था। अब फिर से एम एस धोनी को सक्रिय ड्यूटी पर बुलाया जा सकताहैं। वहीं ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा भी टेरिटोरियल आर्मी में 2011 से सिख रेजीमेंट के हिस्से हैं।

कौन-कौन हैं टेरिटोरियल आर्मी का हिस्सा?

1. महेंद्र सिंह धोनी (ऑनरेरी लेफ्टिनेंट) 2. अभिनव बिंद्रा 3. नीरज चोपड़ा (ओलंपियन) 4. अनुराग ठाकुर (केंद्रीय मंत्री) 5. सचिन पायलट (कांग्रेस नेता)

क्या काम करती है टेरिटोरियल आर्मी..

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि "टेरिटोरियल आर्मी इंफ्रेंट्री की 32 बटालियन हैं। इनमें से कुछ को अहम सैन्य इलाकों में तैनात किया जाएगा। इन्हें सदर्न, ईस्टर्न, वेस्टर्न, सेंट्रल, नॉर्दर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड के तहत ड्यूटी दी जाएगी। टेरिटोरियल आर्मी को नियमित सेना की दूसरी लाइन के रूप में देखा जाता है, इसमें वे लोग शामिल होते हैं जिन्होंने खुद से शामिल होने की इच्छा जताई और फिर आपात स्थिति के लिए सैन्य प्रशिक्षण लिया है।"    

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