Operation Sindoor Celebration in betul: मध्यप्रदेश के बैतूल में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शानदार सफलता पर उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटकों और स्थानीय लोगों की निर्मम हत्या की गई थी, के जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक एयर स्ट्राइक की।
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न
इस कार्रवाई ने न केवल आतंकवादियों को करारा जवाब दिया, बल्कि पूरे देश में एक नए भारत की ताकत का संदेश भी दिया। बैतूल में इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की सफलता को उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेष रूप से ‘सोल्जर्स सिस्टर’ के नाम से जानी जाने वाली महिलाओं ने सैनिकों का हौसला बढ़ाया।
बैतूल में किया विशेष आयोजन
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति, जो कारगिल युद्ध के बाद से रक्षाबंधन के अवसर पर सैनिकों के साथ उत्सव मनाती रही है, ने इस बार ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर विशेष आयोजन किया। समिति की अध्यक्ष गौरी बालपुरे के नेतृत्व में सरहदी बहनों और गणमान्य नागरिकों ने सैनिकों के शौर्य और पराक्रम की सराहना करते हुए केक काटा। इस समारोह में महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं दीं, जो ऑपरेशन के नाम और पहलगाम हमले में विधवा हुई महिलाओं के प्रति एकजुटता का प्रतीक था। यह आयोजन न केवल सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रदर्शन था, बल्कि देश की एकता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का भी संदेश देता है।
Operation Sindoor Celebration in betul: 90 से ज्यादा आतंकी मारे गए
ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त प्रयासों ने अंजाम दिया। रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच चली इस कार्रवाई में बहावलपुर, मुरीदके, कोटली, मुजफ्फराबाद जैसे स्थानों पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के ठिकाने तबाह किए गए। सूत्रों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 80 से 90 आतंकवादी मारे गए, जिसने पाकिस्तान में आतंकी ढांचे को बड़ा झटका दिया।
शहीदों को मिला न्याय
बैतूल में इस जीत का जश्न इस बात का प्रमाण है कि देश का हर नागरिक सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
इस आयोजन में स्थानीय लोगों ने सैनिकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित कर दिया कि भारत अब दुश्मन के घर में घुसकर जवाब देने में सक्षम है। गौरी बालपुरे ने कहा, “हमारी सेना ने न केवल पहलगाम के शहीदों को न्याय दिलाया, बल्कि हर भारतीय के दिल में गर्व का भाव जगाया।” यह उत्सव बैतूल के लोगों के लिए एक अविस्मरणीय क्षण बन गया, जो देश की सुरक्षा और सम्मान के लिए सैनिकों के बलिदान को सलाम करता है।
शशांक सोनकपुरिया की रिपोर्ट
