NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्रों के देशभर में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेगी. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा
"देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड दिया जाएगा. इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा." उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दे दिए गए हैं.
इस पर राहुल गांधी ने कहा
'आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने एजुकेशन सिस्टम बर्बाद होने दिया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया।'
पीएम का यह ऐलान कॉकरोच जनता पार्टी और विपक्ष के प्रदर्शन के बीच आया है। सीजेपी पिछले 34 दिन से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है।वहीं, एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक 26 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। वे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। वहीं उनका इलाज चल रहा है।
पेपर लीक की सुनवाई के लिए पहली बार फास्ट ट्रैक कोर्ट
देश में अब तक पेपर लीक मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, इसलिए फैसला आने में कई साल लग जाते थे। अब प्रधानमंत्री ने इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, ताकि फैसला तेजी से हो सके। फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिकॉर्ड भी बेहतर रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार, रेप और POCSO मामलों के लिए बनी फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 2019 से 2025 तक 3.06 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया है।इन अदालतों में मामलों के निपटारे का रेट 96.28% है, यानी जितने नए मामले आए, लगभग उतने ही मामलों का निपटारा भी हुआ। हालांकि, नए मामले लगातार दर्ज होने के कारण 2025 के अंत तक 2.45 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग थे, जबकि 2024 के अंत में यह संख्या 2.04 लाख थी।