Narmada Tricolor Flag Event : 14 अगस्त 2025 को जबलपुर में माँ नर्मदा नदी के उफनते जल में एक अनोखी और प्रेरणादायक तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में लगभग 350 लोग शामिल हुए, जिनमें बच्चे, युवा और तैराक मौजूद थे। यह यात्रा लगभग 10 किलोमीटर लंबी थी, जिसे ‘अखंड भारत संकल्प तिरंगा तैराकी यात्रा’ के नाम से जाना गया।
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तिरंगा यात्रा का उद्देश्य
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना था। यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के जांबाज जवानों को नमन करने और भारतीय जनता में patriotism की भावना जागरूक करने के लिए किया गया। तैराकों ने उफनती नर्मदा नदी की चुनौती को पार करते हुए तिरंगे के साथ पावन संदेश दिया।
यात्रा का आयोजन और सहभागिता
यह यात्रा सुबह लगभग 8 बजे शुरू हुई और नदी के 10 किलोमीटर तक फैली रही। न केवल स्थानीय लोगों ने, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी लोग इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। जबलपुर संस्कारधानी में इस तरह की तिरंगा यात्रा पहली बार आयोजित की गई, जो अपनी अनोखी प्रकृति के कारण विशेष रूप से चर्चा में है।
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सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व
नर्मदा नदी को माँ का रूप माना जाता है और यहाँ पर इस तरह की तैराक यात्रा ने पर्यावरणीय और सांस्कृतिक चेतना को भी बढ़ावा दिया। यह दिखाता है कि आधुनिक भारत में युवा और समाज के अन्य वर्ग राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति कितने संवेदनशील और प्रतिबद्ध हैं।
Narmada Tricolor Flag Eve: प्रशासन और सुरक्षा
इस तिरंगा यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया, क्योंकि नदी का जलप्रवाह तीव्र था। प्रशासन और आयोजनकर्ताओं ने व्यापक इंतजाम किए ताकि सभी प्रतिभागी सुरक्षित रूप से इस यात्रा को पूरा कर सकें।

जब युवाओं और आम जनमानस की यह देशभक्ति और उत्साह इस प्रकार सामने आए तो देश की एकता और अखंडता को मजबूती मिलती है। जबलपुर की नर्मदा नदी में हुई यह तिरंगा यात्रा सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है कि भारत के हर नागरिक के दिल में देश प्रेम की अलख कितनी प्रबल है। ऐसे आयोजनों से ही देश की सुरक्षा, सम्मान और क्षेत्रीय सौहार्द्र की भावना गहरी होती है।
यह तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता दिवस के पर्व पर देशवासियों में एक नई ऊर्जा और गर्व की भावना लेकर आई है।
