Nandnagar Disaster CM Dhami Inspection: उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में हाल ही में आई आपदा ने लोगों की जिंदगी को गहरे तक प्रभावित किया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गाँवों में मकान क्षतिग्रस्त हो गए, कई सड़कें कट गईं और बिजली व पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। आपदा की चपेट में आने से सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार:
- लगभग 200 से अधिक परिवार प्रभावित हुए।
- 20 से ज्यादा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए।
- कृषि भूमि और फसलें बर्बाद हो गईं।
- सड़कों के टूटने से गांवों का संपर्क कट गया।
- बिजली और पानी की आपूर्ति ठप हो गई।
इस प्राकृतिक आपदा ने ग्रामीणों की रोज़मर्रा की जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।

CM पुष्कर सिंह धामी का दौरा
आपदा प्रभावित क्षेत्र का हाल जानने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नंदानगर का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत और स्थानीय विधायक भूपाल राम भी मौजूद रहे।
Nandnagar Disaster CM Dhami Inspection: प्रभावितों से मुलाकात
सीएम धामी ने सीधे प्रभावित परिवारों से भेंट की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
सीएम धामी ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
- प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
- विद्युत और पेयजल आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
- राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जाए।
- प्रभावितों को अस्थायी आश्रय और चिकित्सा सुविधा तुरंत मुहैया कराई जाए।


सरकार प्रभावितों के साथ खड़ी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा संभावित राज्य है और सरकार हर आपदा में प्रभावितों के साथ खड़ी है। राज्य सरकार का प्रयास है कि न केवल तात्कालिक राहत दी जाए बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाएं भी चलाई जाएं।
Nandnagar Disaster CM Dhami Inspection: ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
- सुरक्षित आवास की व्यवस्था
- कृषि क्षति का मुआवज़ा
- सड़क और पुलों की मरम्मत
- बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष व्यवस्था
- स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता
नंदानगर में यह आपदा 17 सितंबर 2025 को आई। तेज बारिश से नाले उफान पर आ गए। पहाड़ से मलबा गिरने से कई घर दब गए। लगभग 15 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान अनुमानित है।

