मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सरकार की तैयारी अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चल रही इस प्रक्रिया के बीच संकेत मिले हैं कि यूसीसी का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और इसे जल्द कैबिनेट के सामने पेश किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, संबंधित विभागों और विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया गया है। सरकार इस मुद्दे को सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए सही समय पर इसे आगे बढ़ाने की रणनीति बना रही है।
मिशन मोड में आगे बढ़ रही प्रक्रिया
सरकार इस पहल को मिशन मोड में आगे बढ़ा रही है। जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कैबिनेट में प्रस्तुति की टाइमलाइन तय की जाएगी। इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही यूसीसी को प्रमुख एजेंडा बता चुके हैं।
अन्य राज्यों के मॉडल का किया गया अध्ययन
सूत्रों के मुताबिक, ड्राफ्ट तैयार करने से पहले विभिन्न राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया गया है। गोआ के सिविल कोड और उत्तराखंड में हालिया यूसीसी पहल का गहन विश्लेषण किया गया, ताकि प्रदेश के लिए व्यावहारिक और संतुलित कानून तैयार किया जा सके।
क्या-क्या हो सकते हैं बड़े बदलाव
सभी धर्मों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम
बहुविवाह पर रोक
महिलाओं को समान अधिकार
संपत्ति और उत्तराधिकार कानूनों में एकरूपता
