Met JMM President Hemant Soren: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की असम विधानसभा चुनाव में संभावित भागीदारी को लेकर इंडिया गठबंधन में बढ़ती असहजता के बीच असम कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के उपनेता गौरव गोगोई गुरुवार को रांची पहुंचे. उन्होंने मुख्यमंत्री और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन से मुलाकात की.

गौरव गोगोई की शिष्टाचार मुलाकात
कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बंद कमरे में असम कांग्रेस प्रभारी गौरव गोगोई और सीएम हेमंत सोरेन के बीच बैठक हुई. उन्होंने कहा कि यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी.
हेमंत सोरेन आगे की वार्ता के लिए जा सकते हैं दिल्ली
हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि इस बैठक में असम विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई. मुलाकात के दौरान हेमंत सोरेन ने झामुमो की ओर से असम में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई. जबकि कांग्रेस पक्ष ने बिहार में हुई गलती असम में दोहराने से बचने की बात कही. जहां इस बात पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि असम में इंडिया गठबंधन एक साथ चुनाव लड़े. इसके बाद इस बात पर चर्चा हो सकती है कि पार्टी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
Met JMM President Hemant Soren: एक वोट की ताकत से क्या हो सकता
माना जा रहा है कि झारखंड में इंडिया ब्लॉक की सरकार के सबसे बड़े घटक दल झामुमो असम विधानसभा चुनाव को गंभीरता से लड़ना चाहती है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हाल के दिनों में असम के दो दौरे को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए ये बताया था कि एक वोट की ताकत से क्या हो सकता है.
भागीदारी को लेकर औपचारिक पहल शुरू
राजनीतिक हलकों में ये भी चर्चा है कि नवगठित जय भारत पार्टी (जेबीपी) झामुमो के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ सकती है.झामुमो के इस रुख से कांग्रेस चिंतित है और असम में कोई चूक नहीं होने देना चाहती. यही वजह है कि कांग्रेस ने झामुमो की असम चुनाव में भागीदारी को लेकर औपचारिक पहल शुरू की है.
असम में कांग्रेस की स्थिति
असम में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस है. 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 126 सीटों में से 50 सीटें जीती थीं, जो 2016 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन था. उस चुनाव में अकेले कांग्रेस को 29 सीटें मिली थीं. वर्तमान में कांग्रेस असम की मुख्य विपक्षी पार्टी है.
Met JMM President Hemant Soren: असम में झामुमो की स्थिति
वहीं ये माना जाता है कि चाय बगानों में वे आदिवासी हैं जिनके पूर्वज झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आकर असम के चाय बागानों में बस गए थे, उन्हें स्थानीय स्तर पर ‘टी ट्राइब्स’ कहा जाता है उनका झुकाव झामुमो की तरफ हो सकता है. इसके अलावा असम में आदिवासियों की जनसंख्या लगभग 70 लाख (कुल आबादी का करीब 20%) है. झामुमो की नजर असम की 126 विधानसभा सीटों में से लगभग 30 से 40 सीटों पर है, जहां यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है. झामुमो इन समुदायों के लिए अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा, चाय बागान श्रमिकों की मजदूरी में वृद्धि और भूमि अधिकारों जैसे मुद्दों को उठाकर अपना आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है. हालांकि अभी तक कभी भी झामुमो ने असम में चुनाव नहीं लड़ा है.
