Army Jawan Assault Meerut: मेरठ के भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान, कपिल कावड़, की टोल कर्मचारियों द्वारा बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया। इतना ही नहीं वह पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल भी रहा। यह घटना तब हुई जब कपिल छुट्टी के बाद श्रीनगर लौटने के लिए दिल्ली हवाई अड्डे जा रहे थे। उनके साथ उनका चचेरा भाई भी था। भूनी टोल प्लाजा पर लंबी वाहन कतार के कारण कपिल ने टोल कर्मचारियों से जल्दी वाहनों को पास करने का अनुरोध किया, जिसके बाद बहस शुरू हो गई।

सेना के जवान पर हमला
कपिल ने अपनी सैन्य पहचान दिखाई और बताया कि उनका गांव टोल-मुक्त क्षेत्र में आता है, लेकिन कर्मचारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। बहस बढ़ने पर कम से कम छह टोल कर्मचारियों ने कपिल और उनके भाई पर हमला कर दिया। सीसीटीवी और मोबाइल फुटेज में कर्मचारी कपिल को खंभे से बांधकर लाठियों, मुक्कों और लातों से पीटते नजर आए। एक कर्मचारी ने ईंट उठाकर हमला करने की धमकी भी दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया।
ठाकुर समाज का आक्रोश
जवान की पिटाई की खबर फैलते ही सोमवार दोपहर 1 बजे गोटका और आसपास के गांवों से ठाकुर समाज के 500 से अधिक लोग भूनी टोल प्लाजा पर एकत्र हुए। गुस्साए लोगों ने टोल ऑफिस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और जमकर पथराव किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी टोल पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। स्थानीय लोगों और सैनिक समुदाय ने इस घटना को सैनिकों के सम्मान पर हमला बताया और टोल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने टोल प्लाजा पर “गुंडागर्दी” का आरोप लगाते हुए इसे संगठित अपराध से जोड़ा।

Army Jawan Assault Meerut: टोल कर्मी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए मेरठ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज और जवान के परिवार की शिकायत के आधार पर छह टोल कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक (देहात) राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। मौके पर एसपी देहात, एडीएम, एसडीएम और आठ थानों की पुलिस तैनात की गई है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। मेरठ पुलिस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर चार गिरफ्तारियों की पुष्टि की, लेकिन बाद में दो और गिरफ्तारियां हुईं।
भाजपा नेता टोल प्लाजा पहुंचे
पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम भी भूनी टोल प्लाजा पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने अधिकारियों को “दिमाग ठीक रखने” की चेतावनी दी और कहा कि सैनिकों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके पहुंचने से प्रदर्शन और तेज हो गया। सोम ने टोल कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और इस घटना को सैनिकों के अपमान से जोड़ा।
