मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब वैश्विक शेयर बाजारों पर साफ दिखने लगा है। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जहां BSE Sensex खुलते ही करीब 1900 अंक टूट गया।
खुलते ही धड़ाम हुए सेंसेक्स और निफ्टी
सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही. सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,704 के मुकाबले गिरकर 74,750 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 74,685 तक फिसल गया.वहीं Nifty 50 भी 550 अंक से ज्यादा टूटकर 23,197 के स्तर पर खुला। यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका साबित हुई।
तेल की कीमतों में उछाल बड़ी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब “तेल युद्ध” का रूप लेता जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमत बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है.कतर के LNG प्लांट पर हमले और खाड़ी देशों में तेल-गैस ठिकानों को निशाना बनाए जाने से सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है।
एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट
भारतीय बाजार से पहले ही एशियाई बाजारों में गिरावट के संकेत मिल चुके थे,जापान का Nikkei 225 1500 अंक से ज्यादा टूटा, हांगकांग का Hang Seng Index 500 अंक से ज्यादा गिरा,दक्षिण कोरिया का KOSPI 1.5% से अधिक फिसला, इसके अलावा अन्य वैश्विक बाजार भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ता है।इससे महंगाई, चालू खाता घाटा और कंपनियों की लागत पर असर पड़ता है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिखाई देता है।विश्लेषकों के अनुसार, जब तक मिडिल ईस्ट में तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
