Mansarovar Dam: विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को जिला प्रशासन ने “वंदे जल-वंदे गंगा” अभियान के अंतर्गत टहला क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक मानसरोवर बांध पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला और प्रभारी सचिव वैभव गलेरिया ने जल पूजन कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान राजीविका समूह की महिलाओं द्वारा कलश यात्रा भी निकाली गई। कार्यक्रम में मौजूद सभी अधिकारियों और कार्मिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली।

Mansarovar Dam: संचयन से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेंगे
दोषपूर्ण जल प्रबंधन और गिरते जल स्तर को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जिला कलेक्टर ने बताया कि मानसरोवर बांध जैसे प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक पारंपरिक जल संरचनाएं हैं, जिनका संरक्षण करके जल संकट से बचा जा सकता है। आने वाले 15 दिनों में जिला स्तर पर सभी विभाग समन्वय बनाकर जल संचयन से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेंगे।
Mansarovar Dam: अभियान आगामी 20 जून तक जारी रहेगा
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के तहत मानसून पूर्व तैयारी के अंतर्गत अमृत सरोवरों और तालाबों की मरम्मत, बावड़ियों की सफाई तथा स्थानीय श्रमदान जैसी गतिविधियों को गति दी जाएगी। टहला क्षेत्र में कई प्राचीन बावड़ियां मौजूद हैं, जिन्हें ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चिन्हित कर सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है। यह अभियान आगामी 20 जून तक जारी रहेगा।
Mansarovar Dam: शरद राठिया प्रमुख रूप से शामिल रहे
इस आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें जिला परिषद CEO गौरव सालुखे रविन्द्र, प्रशिक्षु IAS ऐश्वर्यम प्रजापत, एडीएम प्रथम मुकेश कायथवाल, एडीएम द्वितीय योगेश डागुर, अतिरिक्त UIT सचिव सोहन सिंह नरुका, अलवर SDM यथार्थ शेखर, राजगढ़ SDM हरकेश मीना, टहला तहसीलदार शरद राठिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।
Mansarovar Dam: जनता से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की
इस अवसर पर पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हेमसिंह भड़ाना ने भी जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया और जनता से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की।
