door-to-door survey BLO absence : भोपाल में SIR (Special Intensive Revision) के तहत मतदाता सूची अपग्रेडिंग के लिए चल रहे डोर-टू-डोर सर्वे में लापरवाही के मामले में पहली बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 500 से अधिक बूथ लेवल ऑफीसरों (BLOs) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया है।
लापरवाही का खुलासा और कार्रवाई
SIR के तहत मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए BLOs को हर घर जाकर सर्वे करना होता है, लेकिन भोपाल में कई BLO अपनी जिम्मेदारियां निभाने में नदारद रहे। कलेक्टर ने यह मामला गंभीरता से लेते हुए खामियों पर नजर रखी और जांच के बाद 500 BLO को हटा दिया। पिछले कुछ महीनों से सुधार कार्य हो रहा था, जिसमें 2003 की मतदाता सूची और 2025 की नई सूची का मिलान किया जा रहा था। BLOs को घर-घर सर्वे कर सही और पुष्टि की गई जानकारी इकट्ठा करनी थी, लेकिन कुछ अधिकारियों ने इस काम में लापरवाही बरती जिससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया।
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कलेक्टर के निर्देश और सुधार
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने साफ निर्देश दिए हैं कि निर्वाचन कार्य में कोई भी कर्मचारी लापरवाही नहीं बरतेगा। सभी BLO और उनके सुपरवाइजर्स को कड़ी चेतावनी दी गई है कि किसी भी तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही यह कहा गया कि BLO अपेंडेंट्स को प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे वे सर्वे प्रक्रिया में पूरी ईमानदारी और तत्परता से काम करें। कलेक्टर ने विभिन्न मीटिंग्स और प्रशिक्षण सत्रों में स्वयं भाग लेकर BLOs की तैयारियों की समीक्षा भी की है और सुधारात्मक कदम उठाए हैं।
SIR प्रक्रिया का महत्व
SIR के तहत मतदाता सूची की गहन समीक्षा और अपडेट जरूरी है ताकि चुनाव में फर्जी वोटिंग रोकी जा सके और हर योग्य मतदाता का नाम सूची में शामिल हो। इसके लिए BLOs को घर-घर जाकर नामों का सत्यापन करना होता है। इस प्रक्रिया में गलत जानकारी देने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। भोपाल में BLO की अनुपस्थिति पर की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि निर्वाचन कार्यालय इस बार पूरी सतर्कता से काम कर रहा है और सर्वे को प्रभावी बनाने पर ज़ोर दे रहा है।
इस कार्रवाई से यह संदेश मिला है कि चुनाव प्रक्रिया में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी
