महाराष्ट्र में शेल कंपनियों से अवैध मनी ट्रांसफर
प्रवर्तन निदेशालय ने 11 स्थानों पर छापेमारी की। 10,000 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। ठाणे में रहने वाले जितेंद्र पांडे को 269 बैंक खातों के जरिए 1,000 करोड़ रुपये मिले। 10 हजार करोड़ रुपए विदेश ट्रांसफर किए गए हैं। इस घोटाले के लिए उसने 98 फर्जी कंपनियां और 12 निजी कंपनियां बनाईं। उसने इन कंपनियों के नाम पर फंड जुटाया और पैसा विदेश ट्रांसफर किया। आरोपियों ने बड़ी रकम हांगकांग, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कर दी।
मलभदा के नाम पर इतना बड़ा ट्रांजेक्शन करने के लिए जितेंद्र पांडे को ईडी ने घेर लिया था। ईडी ने दो जनवरी को मुंबई, ठाणे और वाराणसी में 11 स्थानों पर तलाशी ली थी। जिसमें अवैध रूप से 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पता चला कि 10 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
एजेंसी ने छापेमारी के दौरान एक करोड़ रुपये नकद और आभूषण भी जब्त किए। इसके अलावा कुछ दस्तावेज भी मिले हैं। जिसमें बड़ी मात्रा में अचल संपत्ति मिली थी। ठाणे पुलिस ने जितेंद्र पांडे और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसके आधार पर फिलहाल जांच चल रही है।
शेल कंपनियों का नेटवर्क बनाया
जितेंद्र पांडे ने कुछ लोगों के साथ मिलकर कुल 110 से ज्यादा शेल कंपनियां बनाकर नेटवर्क बनाया। उसने इन फर्जी कंपनियों के नाम पर 269 बैंक खाते खुलवाने के बाद घोटाले को अंजाम दिया था। पुलिस ने जितेंद्र पांडेय समेत अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
ईडी ने कहा कि अब तक की जांच से पता चला है कि घोटाला विदेशों में वस्तुओं के आयात और निर्यात के नाम पर हुआ। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि इतनी बड़ी रकम किसकी है और कहां से वसूली गई। पता चला है कि कुछ चार्टर्ड अकाउंटेंट भी जितेंद्र पांडे और उनके सहयोगियों की मदद कर रहे हैं। आने वाले दिनों में और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
