महाराष्ट्र ATS की कार्रवाई: देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए सोमवार की सुबह बेहद अहम साबित हुई। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने पुणे के कोंढवा इलाके में छापा मारकर एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जिस पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़ने का आरोप है। गिरफ्तार शख्स का नाम ज़ुबेर हंगरगेकर बताया गया है।
ऑपरेशन की शुरुआत कैसे हुई
ATS को बीते कुछ दिनों से खुफिया इनपुट मिल रहे थे कि पुणे और उसके आसपास कुछ लोग संदिग्ध ऑनलाइन नेटवर्क्स के ज़रिए आतंकी संगठनों से संपर्क में हैं। सूत्रों के मुताबिक, ज़ुबेर पर शक तब गहराया जब उसने सोशल मीडिया के ज़रिए कुछ प्रतिबंधित अकाउंट्स से संपर्क साधा। इसके बाद टीम ने कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी।
अंततः रविवार देर रात कोंढवा इलाके में दबिश दी गई और ज़ुबेर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसे सोमवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
ATS को क्या मिला?
पुलिस सूत्रों के अनुसार,
जांच टीम ने उसके पास से मोबाइल, लैपटॉप, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध डिजिटल डाटा जब्त किया है। माना जा रहा है कि आरोपी कुछ विदेशी हैंडल्स के संपर्क में था और रेडिकल कंटेंट के ज़रिए युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
हालांकि,
ATS अभी यह साफ नहीं कर पाई है कि वह किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा था या किसी स्लीपर सेल से जुड़ा हुआ था। लेकिन अधिकारियों का कहना है
“हमें कई अहम सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी का संपर्क एक बैन संगठन से था। अब तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ से तस्वीर और साफ होगी।”
कोंढवा इलाका पहले भी रहा है चर्चा में
कोंढवा इलाका पहले भी कई बार चर्चा में रह चुका है। यहाँ की आबादी विविध है और पिछले कुछ वर्षों में पुलिस ने इसी क्षेत्र से कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है। स्थानीय लोगों में अब एक बार फिर डर और बेचैनी का माहौल है। कई निवासी पूछताछ के लिए बुलाए गए हैं, जबकि कुछ से इलाके में आने-जाने वालों की जानकारी ली जा रही है।
जांच का दायरा बढ़ा
ATS ने मामले को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत दर्ज किया है। साथ ही, यह जांच अब साइबर सेल और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर की जा रही है। संभावना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,
“हम डिजिटल ट्रेल्स की मदद से उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जो इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है।”
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया
पुणे में स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कहा है कि ऐसी घटनाएँ समाज में भय फैलाती हैं, लेकिन साथ ही यह भी ज़रूरी है कि निर्दोष लोगों को बेवजह न घसीटा जाए।
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