ग्यारसपुर में धार्मिक मेले की भव्यता के बाद गंदगी का अम्बार, ग्रामीणों में रोष

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ग्यारसपुर में धार्मिक मेले की भव्यता के बाद गंदगी का अम्बार, ग्रामीणों में रोष

ग्यारसपुर में धार्मिक मेले की भव्यता के बाद गंदगी का अम्बार ग्रामीणों में रोष

Gyaraspur Mela: ग्यारसपुर के जगदीशपुरी मानोरा में हर वर्ष असाढ़ सुदी के अवसर पर तीन दिवसीय धार्मिक मेला भव्यता से आयोजित होता है। यह मेला क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण भाग लेते हैं। मेले में धार्मिक आयोजनों, भजन-कीर्तन, और स्थानीय बाजारों की रौनक देखने को मिलती है। इस बार भी मेला 7 से 9 जुलाई, 2025 तक चला, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मेले के दौरान भक्ति और उत्साह का माहौल रहता है, लेकिन समापन के बाद स्थिति चिंताजनक हो जाती है।

मेले के बाद फैलती गंदगी

मेले के समापन के बाद मेला ग्राउंड, मंदिर परिसर, और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी मात्रा में कचरा फैल जाता है। जगह-जगह प्लास्टिक थैलियां, खाने-पीने के सामान के अवशेष, और सड़ी-गली चीजों के ढेर नजर आते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र बदबू से भर जाता है। यह गंदगी न केवल दृश्य को खराब करती है, बल्कि लोगों के आवागमन और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कचरे के कारण मच्छर और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। बुजुर्ग और बच्चे विशेष रूप से प्रभावित हो रहे हैं। [caption id="attachment_94208" align="alignnone" width="404"]ग्यारसपुर में धार्मिक मेले की भव्यता के बाद गंदगी का अम्बार ग्यारसपुर में धार्मिक मेले की भव्यता के बाद गंदगी का अम्बार[/caption]

Gyaraspur Mela: मंदिर ट्रस्ट की अनदेखी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल यह स्थिति बनती है, लेकिन मंदिर ट्रस्ट और ग्राम पंचायत इस ओर ध्यान नहीं देते। मेले के दौरान भले ही भीड़ जुटती हो, लेकिन उसके बाद सफाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। ग्रामीणों ने बताया कि वे स्वयं कचरा हटाने की कोशिश करते हैं, लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में सफाई संभव नहीं हो पाती। उन्होंने मांग की है कि मेले के तुरंत बाद पुख्ता सफाई इंतजाम किए जाएं। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग पर रोक और कचरा प्रबंधन के लिए स्थायी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि गांव की छवि और जनस्वास्थ्य सुरक्षित रहें। Read More: MLA Sahib Singh Gurjar Controversial Statement: विवादित बयान पर घिर गए विधायक साहब सिंह गुर्जर…किन्नर समाज ने जताई नाराजगी, माफी की उठी मांग

साफ-सफाई की मांग

धार्मिक आयोजन से जहां श्रद्धालुओं का जुड़ाव बढ़ता है, वहीं साफ-सफाई की अनदेखी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। 10 जुलाई, 2025 को दोपहर 4:29 बजे तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लोगों की मांग है कि मंदिर ट्रस्ट और ग्राम पंचायत मिलकर मेले के बाद त्वरित सफाई अभियान चलाएं और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाएं। यह मेला भले ही आस्था का केंद्र हो, लेकिन गंदगी की समस्या इसे बदनाम कर रही है।

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