Madhya Pradesh infant death cough syrup 2025 : मध्यप्रदेश में फिर एक बार जहरीले कफ सिरप के कारण 5 माह के मासूम बच्चे की मौत हुई है। यह दर्दनाक घटना मऊगंज जिले के खटखरी गांव की है, जहां एक बच्चे को बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर से कफ सिरप दिया गया। कुछ ही मिनटों में बच्चे की हालत इतनी खराब हो गई कि उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के लिए कब्र से निकाला शव
परिवार ने प्रारंभ में इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मानकर बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन जब पूरा मामला पुलिस तक पहुंचा तो प्रशासन ने कार्रवाई की। एसडीएम के आदेश पर बच्चे के शव को पांच दिन बाद कब्र से निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच से मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।
मरीज का हाल और मेडिकल स्टोर की भूमिका
मां ने कहा, कि बच्चे को हल्की सर्दी और खांसी थी। इलाज के लिए वह डॉक्टर के पास जाना चाहती थीं, लेकिन चिकित्सा सुविधा और दूरी की वजह से पास के ही मेडिकल स्टोर गईं। वहां स्टोर संचालक ने बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप दे दिया, जो बाद में बच्चों के लिए जानलेवा साबित हुआ।
READ MORE :दुनिया संकट में, सबकी निगाह भारत पर टिकी- RSS प्रमुख
प्रशासन की कार्रवाई
मध्यप्रदेश के कई जिलों में जहरीले कफ सिरप से पहले भी बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसमें छिंदवाड़ा और बैतूल शामिल हैं। इन मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सतर्क है। मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की जा रही है और जहरीले सिरप के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं। मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य जागरूकता की ज़रूरत
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कितना सुधार आवश्यक है। डॉक्टर की पर्ची बिना दवा देना और नकली या जहरीले दवाएं बेचना गंभीर समस्या बन चुकी है। आवश्यक है कि प्रशासन ऐसे मामलों पर सख्त कदम उठाए और जनता में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाए।
मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप से पांच माह के मासूम बच्चे की मौत ने बार-बार सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सा व्यवस्था में खामियों और मेडिकल स्टोर की असावधानी के चलते मासूमों की जान जा रही है। पोस्टमार्टम के लिए कब्र से शव निकाल कर जांच शुरू की गई है जिससे जल्द मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
