स्नेक कैचर टीम ने 1.5 घंटे में रेस्क्यू रेस्कयू
korba king cobra rescue: कोरबा जिले के पासरखेत गांव में 13 फीट लंबा किंग कोबरा देखा गया। इतने बड़े जहरीले सांप को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।घटना की जानकारी तुरंत वन विभाग को दी गई। जिसके बाद स्नेक कैचर टीम ने मौके पर पहुंचकर, ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखा गया और तय प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू हुआ।
डेढ़ घंटे तक चला रोमांच: korba king cobra rescue
करीब 1.5 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में किंग कोबरा बार-बार फुफकारता रहा। हालांकि धैर्य और सावधानी से काम करते हुए टीम ने सांप को सुरक्षित थैले में डालने में सफलता प्राप्त की। ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और कहा कि यह किंग कोबरा (‘पहाड़ चित्ती’) हमारे क्षेत्र का धरोहर है, जिसे संरक्षित करना आवश्यक है।
किंग कोबरा की सुरक्षित जंगल में रिहाई
रेस्क्यू के बाद पंचनामा तैयार किया गया और किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र के घने जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस अभियान में पासरखेत वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त खांडे, नोवा नेचर टीम और वन विभाग के कई अधिकारी व ग्रामीण मौजूद थे।
डीएफओ की अपील: korba king cobra rescue
कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव ने आम जनता से अपील की कि किंग कोबरा वन्यप्राणी संरक्षण अनुसूची में शामिल है। इसे मारना या नुकसान पहुंचाना अपराध है। जब भी किसी के आस-पास किंग कोबरा या अन्य सांप दिखाई दें, तो वन विभाग या टोल फ्री नंबर 8817534455 पर सूचना दें।
किंग कोबरा की खासियत
किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है, जिसकी लंबाई 20 फीट तक हो सकती है। यह अन्य सांपों को खाकर उनकी जनसंख्या नियंत्रित करता है। मादा किंग कोबरा अपने अंडों के लिए पत्तों का घोंसला बनाती है और लगभग 3 महीने तक उसकी सुरक्षा करती है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि किंग कोबरा बिना वजह हमला नहीं करता, केवल खतरा महसूस होने पर आक्रामक होता है। इसलिए किसी भी सांप को मारने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना देना चाहिए। कोरबा में वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं, जिससे इंसान और सांप का सह-अस्तित्व सुनिश्चित किया जा सके।
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