kisan credit card loan 2025 : अब मिलेगा मेहनत का असली मोल! MSP बढ़ा, सस्ते लोन की सुविधा भी बढ़ी
kisan credit card loan 2025 : 28 मई 2025 को केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया। अब किसानों को अपनी फसलों के और बेहतर दाम मिलेंगे। धान, कपास, अरहर, सोयाबीन जैसी 14 प्रमुख फसलों के एमएसपी में इज़ाफा किया गया है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से मिलने वाले लोन पर ब्याज सब्सिडी योजना को भी 2025-26 तक बढ़ा दिया गया है।
कितना बढ़ा MSP? जानिए नई दरें
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान का MSP अब ₹2,369 प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पिछले साल से ₹69 ज्यादा है।
कपास की कीमत ₹7,710 से बढ़ाकर ₹8,110 प्रति क्विंटल की गई है यानी ₹589 की बढ़ोतरी। इससे किसानों को उनकी मेहनत के बदले उचित मूल्य मिलने की गारंटी मिलती है।
👉 सरकार पर इस बढ़े हुए एमएसपी का कुल वित्तीय भार लगभग ₹2.07 लाख करोड़ पड़ेगा, जो कि पिछले वर्ष से ₹7,000 करोड़ अधिक है।
MSP क्या है और क्यों जरूरी है?
MSP (Minimum Support Price) एक ऐसा मूल्य होता है जिसे सरकार किसानों को गारंटी के तौर पर देती है। यदि बाजार में फसल के दाम गिरते हैं तो भी किसान को सरकार निर्धारित एमएसपी मिलेगा। यह किसानों को बाजार की अनिश्चितता से सुरक्षा देता है और उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करता है।
👉 MSP को तय करने में सरकार को फसल की लागत, मांग-आपूर्ति और बाजार मूल्य जैसे कई फैक्टर देखने होते हैं।
कौन-कौन सी फसलें MSP में शामिल हैं?
केंद्र सरकार 23 फसलों के लिए MSP तय करती है:
🔹 7 अनाज: गेहूं, चावल, मक्का, ज्वार, बाजरा, रागी, जौ
🔹 5 दालें: अरहर, मूंग, उड़द, चना, मसूर
🔹 7 तिलहन: सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, नाइगरसीड
🔹 4 वाणिज्यिक फसलें: कपास, गन्ना, खोपरा, भांग
खरीफ फसलें और उनका महत्त्व
खरीफ की फसलें जून-जुलाई में बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में काटी जाती हैं। इन फसलों में शामिल हैं:
🌾 धान
🌽 मक्का
🫘 मूंग, उड़द, अरहर
🧴 तिलहन जैसे सोयाबीन, मूंगफली
🌿 भांग, कपास, गन्ना
👉 खरीफ की खेती विशेष रूप से मानसून पर निर्भर होती है, इसलिए MSP की घोषणा किसानों के लिए राहत का काम करती है।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना में राहत
सरकार ने Kisan Credit Card (KCC) Interest Subsidy Scheme को 2025-26 तक जारी रखने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य किसानों को सस्ता लोन उपलब्ध कराना है।
🔹 किसान अब 3 लाख रुपये तक का लोन सिर्फ 7% ब्याज पर ले सकते हैं।
🔹 समय पर ऋण चुकाने पर 3% ब्याज सब्सिडी मिलती है, यानी कुल ब्याज 4% रह जाता है।
🔹 पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए 2 लाख रुपये तक के लोन पर भी यही सुविधा मिलेगी।
यह योजना किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त करती है और उन्हें अपनी कृषि लागत को बेहतर तरीके से मैनेज करने का अवसर देती है।
अन्य कैबिनेट फैसले: इन्फ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बूस्ट
1️⃣ मल्टीट्रैकिंग रेलवे परियोजना
- रतलाम-नागदा सेक्शन में तीसरी और चौथी लाइन
- अनुमानित लागत: ₹10,000 करोड़
- परियोजना पूरा होने का लक्ष्य: 2029-30
2️⃣ आंध्र प्रदेश में चार लेन राजमार्ग
- बादवेल से नेल्लोर तक 108 किमी लंबा हाईवे
- लागत: ₹3,653 करोड़
- यह प्रोजेक्ट औद्योगिक गलियारों को जोड़ेगा और कृष्णापट्टनम पोर्ट से कनेक्टिविटी बढ़ाएगा
अब खेती बनेगी फायदे का सौदा
केंद्र सरकार के ये फैसले सीधे तौर पर देश के 12 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाएंगे। MSP में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिलेगा और KCC योजना से उन्हें आसान व सस्ता लोन मिल सकेगा।
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