गलियों में गूंजी बैंड-बाजे की धुन, शादी में उमड़े मोहल्लेवाले
karwachauth bilaspur Unique love story: करवाचौथ जैसे पवित्र अवसर पर बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र में एक ऐसी शादी हुई, जिसने न केवल समाज की पारंपरिक सोच को चुनौती दी, बल्कि यह साबित भी कर दिया कि सच्चा प्यार उम्र नहीं देखता। 75 वर्षीय दादू राम गंधर्व ने अपने से 30 साल छोटी 45 वर्षीय युवती से विधिवत विवाह किया।
karwachauth bilaspur Unique love story: शिव मंदिर में लिए सात फेरे
दादू राम मजदूरी का काम करते हैं.उसी मोहल्ले में रहने वाली एक युवती से उनका परिचय हुआ और धीरे-धीरे यह जान-पहचान प्यार में बदल गई,उम्र के अंतर के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी बनाने का फैसला लिया.
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मजदूरी करते हैं दादू राम, मोहल्ले में ही हुआ प्यार
जब दोनों ने शादी का निर्णय लिया तो कुछ लोग चौंके भी, लेकिन मोहल्ले के कई लोग उनके साहस और प्रेम को देखकर भावुक हो गए। युवती का कहना है कि दादू राम ने हमेशा उसे इज्जत और सम्मान दिया, और उन्हें विश्वास है कि वे एक अच्छे जीवनसाथी साबित होंगे। वहीं दादू राम ने भी कहा, “प्यार का कोई नियम नहीं होता, बस भावनाओं की सच्चाई होनी चाहिए।”
karwachauth bilaspur Unique love story: शादी के दिन बना मोहल्ला जश्न का केंद्र
शादी की खबर फैलते ही पूरा मोहल्ला सज उठा। बैंड-बाजे के साथ बारात निकली, नाच-गाना हुआ और मिठाइयों का दौर चला। कई लोगों ने तो इस शादी को “सदी की सबसे खास शादी” कहा। महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे— सभी इस अनोखी जोड़ी को आशीर्वाद देने पहुंचे।
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