Karnataka Leadership Controversy: कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर अटकलें जारी है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के भीतर सत्ता संघर्ष को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी आलाकमान को अंततः इस भ्रम को खत्म करना चाहिए। सिद्धारमैया ने कहा – वह मुख्यमंत्री पद पर बदलाव संबंधी मुद्दे पर आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे।
सेंट्रल लीडरशिप करेगी फैसला
उन्होंने यह भी कहा कि विधायक पार्टी नेतृत्व से मिलने और अपनी राय शेयर करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। राज्य की लीडरशिप पर आखिरी फैसला सेंट्रल लीडरशिप का है।
कांग्रेस अध्यक्ष, कर्नाटक के CM और उपमुख्यमंत्री के बयान सामने आए। डिप्टी सीएम और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष DK शिवकुमार ने कहा- मैं मुख्यमंत्री बदलाव पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहूंगा, यह हम 4-5 लोगों के बीच की सीक्रेट डील है।

Karnataka Leadership Controversy: सार्वजनिक मंच पर चर्चा नहीं
वहीं दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- कर्नाटक में नेतृत्व बदलने से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा नहीं की जा सकती। राहुल गांधी से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा- पार्टी अध्यक्ष कहीं भी चर्चा नहीं करते। अगर मुलाकात होती है, तो वहीं बात होगी।
बता दे कि, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। अब सत्ता संतुलन को लेकर बयानबाजी जारी है। अब 2023 में सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार से जुड़े एक कथित सत्ता-परिवर्तन को लेकर समझौते का हवाला दिया जा रहा है।
CM कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में
Karnataka Leadership Controversy: सूत्रों के मुताबिक CM सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। जबकि उपमुख्यमंत्री शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की CM बनने की संभावनाओं को कम कर देगा।
