Karauli Adhuri Sadak Dedrauli: राजस्थान के करौली विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बझेड़ा के देदरौली गांव और आसपास के दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों को सड़क सुविधा के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देदरौली गांव का पंचायत मुख्यालय बझेड़ा से सड़क संपर्क अभी तक नहीं हो सका है, जिसके चलते आवागमन में ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर बारिश के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है, जब गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं और आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा और अधिकारी-कर्मचारी इस मामले में उदासीन बने हुए हैं।
सड़क ना बनने से नाराज लोग
ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस सड़क का निर्माण स्वीकृत हुआ था, लेकिन बझेड़ा के कुछ ग्रामीणों ने सड़क को केवल पुजारियों की ढाणी तक ही सीमित करने की मांग की थी। इस निर्णय से देदरौली और अन्य गांवों के लोग नाराज हैं, क्योंकि इससे उनकी मूलभूत सुविधा प्रभावित हुई है। ग्रामीणों ने इस मुद्दे को लेकर कई बार एसडीएम, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अवगत कराया, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
जलभराव से परेशान लोग
वर्तमान में सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि ग्रेवल और गिट्टियों पर वाहन चालक अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं। स्कूल, अस्पताल, और बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क न होने से न केवल उनकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, बल्कि आपात स्थिति में चिकित्सा सेवाएं भी समय पर नहीं मिल पातीं।
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Karauli Adhuri Sadak Dedrauli: सड़क निर्माण की मांग
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े सड़क निर्माण को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या को उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस मामले ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण गांवों का विकास रुका हुआ है। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में ग्रामीणों को न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी खतरे में है।
