जोधपुर में दिवाली के दौरान पटाखे फटने से भयावह हादसा: 100 से अधिक घायल, 14 गंभीर
पटाखों की वजह से लोगों के चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटें
जोधपुर दिवाली पटाखा हादसा 2025: जोधपुर में दिवाली की खुशियों के बीच पटाखों की आश्चर्यजनक लापरवाही ने कई परिवारों की खुशियाँ उजाड़ दीं। सोमवार और मंगलवार की रात मथुरादास माथुर अस्पताल एवं महात्मा गांधी अस्पताल में 100 से अधिक घायल मरीज घायल हालत में पहुंचे। इनमें आंखों में बारूद की चोटें, हाथों पर धमाके का प्रभाव और सिर पर सूतली बम लगने जैसे जख्म शामिल हैं।
आंखों की गंभीर चोटें और सर्जरी की जरूरत
एमडीएमएच के नेत्र विभाग के प्रमुख डॉ. अरविंद चौहान ने बताया कि 50 से अधिक मरीज आंखों में गंभीर चोट लेकर आए हैं। कुछ मरीजों की आंखों में बड़े स्तर पर बारूद और पत्थरों की चिंगारियां प्रवेश कर चुकी थीं, जिन्हें आपातकालीन सर्जरी द्वारा निकाला गया। एक मरीज की पलक कट गई थी, जिसके टांके लगाए गए। अन्य मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर महात्मा गांधी अस्पताल भेजा गया।
जोधपुर दिवाली पटाखा हादसा 2025: गंभीर हालत वाले मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी
महात्मा गांधी अस्पताल में 50 से अधिक घायल पहुंचे, जिनमें से 10 गंभीर जलने की चोटों से पीड़ित हैं। प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने इन्हें 5 से 10 प्रतिशत तक जलन के साथ भर्ती किया है। सबसे चिंताजनक मामला एक 38 वर्षीय महिला का है, जो दीपक की आग से लगभग 80% झुलस गई।
जोधपुर दिवाली पटाखा हादसा 2025: स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी और भविष्य के लिए सावधानियां
स्वास्थ्य अधिकारियों ने आगाह किया है कि आने वाले दिनों में ऐसे हादसों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए सभी लोगों से आग्रह किया गया है कि वे पटाखे फोड़ते समय पूरी सावधानी बरतें और बच्चों को भी सुरक्षित रहने के निर्देश दें।
