Jharkhand politics: असम में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी मंगलवार को अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए चुनावी मैदान में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है, जिसकी अगुवाई खुद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।
CM सोरेन होंगे मुख्य प्रचारक
झामुमो ने आगामी चुनाव को देखते हुए अपने अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुख्य चुनाव प्रचारक बनाया है। जानकारी के अनुसार, वह असम के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जाकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे और चुनावी अभियान का नेतृत्व करेंगे।

निर्वाचन आयोग से पत्र लिख कर मांगी अनुमति
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी के महासचिव विनोद पांडेय ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर स्टार प्रचारकों के चुनाव प्रचार के लिए अनुमति मांगी है। इसके साथ ही, प्रचार के दौरान उपयोग में आने वाले वाहनों के लिए पास जारी करने का अनुरोध भी किया गया है। पत्र में बताया गया है कि पार्टी के नेता हवाई, रेल और सड़क मार्ग से असम के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर जनसभाएं और प्रचार अभियान चलाएंगे।
झामुमो की रणनीति: आदिवासी मतदाताओं पर खास फोकस
झामुमो की रणनीति केवल चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह असम की क्षेत्रीय राजनीति में दीर्घकालिक उपस्थिति दर्ज कराने की योजना का हिस्सा है। पार्टी खासतौर पर उन सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां झारखंडी मूल के आदिवासी मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसी के उद्देश्य से सोरेन स्थानीय दलों और सामाजिक संगठनों के साथ तालमेल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे चुनावी समीकरणों को प्रभावित किया जा सके और पार्टी की स्वीकार्यता बढ़े।
झामुमो से कांग्रेस ने भी संपर्क साधा
इस बीच कांग्रेस ने भी झामुमो से संपर्क साधा है। असम के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और प्रभारी भंवर जितेन्द्र सिंह हाल ही में रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री सोरेन से मुलाकात कर चुके हैं। इससे संभावित गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
स्टार प्रचारकों में कई दिग्गज शामिल
झामुमो की सूची में कई प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। इनमें डॉ. सरफराज अहमद, सांसद जोबा मांझी, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, राज्यसभा सदस्य महुआ माजी, मंत्री योगेंद्र प्रसाद, हफीजुल हसन, सांसद विजय हांसदा और विधायक एमटी राजा जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं।
इन सभी को अलग-अलग क्षेत्रों में जनसभाएं, रोड शो और संगठनात्मक बैठकों के जरिए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
