प्रधानमंत्री मोदी का बुलेट ट्रेन का अनुभव

जापान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन, न सिर्फ ऐतिहासिक था, बल्कि यह भारत-जापान रिश्तों के नए अध्याय की शुरुआत भी थी। शनिवार को जापान दौरे के दूसरे दिन मोदी ने सेंडाई के मियागी प्रांत में जापान की एडवांस बुलेट ट्रेन E10 का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा भी थे। इस यात्रा में उन्होंने न केवल बुलेट ट्रेन के बारे में जानकारी ली, बल्कि उन भारतीय लोको पायलटों से भी मुलाकात की जो जापान में ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह भारत में बुलेट ट्रेन चलाने के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बुलेट ट्रेन का महत्व और भारतीय ट्रेन ड्राइवरों की भूमिका
बुलेट ट्रेन, या हाई-स्पीड रेल, को भारत में लाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जापान की तकनीक से प्रेरित होकर, भारत में भी मुंबई से अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। यह ट्रेन 2030 तक पूरी तरह से तैयार हो जाएगी, और इसकी टॉप स्पीड 400 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
मोदी ने जापान के इस एडवांस ट्रेन सिस्टम को देखा और भारतीय ड्राइवरों से मुलाकात की, जो अब जापान के ईस्टर्न रेलवे में ट्रेनिंग ले रहे हैं। यह भारतीय ट्रेन ड्राइवर भविष्य में भारत में बुलेट ट्रेन चलाएंगे। मोदी ने इन ड्राइवरों से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात की और उनकी कठिनाइयों और सीखने के अनुभवों के बारे में जाना। यह एक बड़ा क्षण था, जहां भारतीय ड्राइवरों को न केवल सम्मान मिला, बल्कि इस ट्रेनिंग से उनकी कार्यकुशलता में भी वृद्धि होगी।
सेंडाई में स्वागत और भारत-जापान रिश्ते
सेंडाई पहुंचने पर, मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। वहां मौजूद भारतीय समुदाय और स्थानीय लोग हाथों में झंडे लेकर ‘मोदी सैन!’ के नारे लगा रहे थे। यह नजारा दिखाता है कि जापान में मोदी के प्रति कितनी सजीव भावनाएं हैं। दोनों देशों के बीच दोस्ती को नया आयाम मिला है, जो व्यापार, टेक्नोलॉजी, और रेलवे जैसी अहम क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा है।
इससे पहले शुक्रवार को, पीएम मोदी ने 15वें भारत-जापान समिट में भी भाग लिया था, जहां दोनों देशों ने मिलकर 150 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस समिट में जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने भारत में अगले 10 वर्षों में 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की बात की थी, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में और मजबूती आएगी।
अब चीन के लिए रवाना
जापान दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के लिए रवाना होने की घोषणा की, जहां वह SCO समिट (शंघाई सहयोग संगठन) में भाग लेंगे। मोदी का यह दौरा चीन, रूस, और अन्य देशों के साथ भारत के रिश्तों को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम होगा। इस दौरान, मोदी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भी मुलाकात करेंगे, जो वैश्विक राजनीति के दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है।

मोदी का जापान दौरा और भारत के लिए नई उम्मीदें
प्रधानमंत्री मोदी का जापान दौरा, सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह भारत की भविष्यवाणी का हिस्सा है। जहां एक ओर भारतीय ड्राइवरों को जापान से ट्रेनिंग मिल रही है, वहीं दूसरी ओर भारत-जापान के बीच बढ़ती साझेदारी भविष्य में भारतीय परिवहन क्षेत्र को नई दिशा दे सकती है। यह दौरा न केवल भारत की बुलेट ट्रेन यात्रा को गति देगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और वैश्विक रिश्तों में भी नए आयाम जोड़ने में मदद करेगा।
Read More :- इंडिगो को बड़ी राहत: टर्किश बोइंग 777 की लीज अब फरवरी 2026 तक बढ़ी
Watch Now :- भोपाल में 92 करोड़ का ड्रग्स जब्त – क्या जिम्मेदार वही !
