jaishankar zero tolerance terror nuclear blackmail : आतंक पर जीरो टॉलरेंस: जर्मनी से गरजे जयशंकर परमाणु धमकी नहीं चलेगी!
jaishankar zero tolerance terror nuclear blackmail : बर्लिन, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जर्मनी में स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद को लेकर ‘शून्य सहिष्णुता’ की नीति अपनाता है और किसी भी तरह की ‘परमाणु धमकी’ को कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह बयान जर्मन विदेश मंत्री जोहान वेडफुल के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में दिया।
🔥 पाहलगाम हमले के बाद भारत का सख्त जवाब
जयशंकर ने बताया कि वह भारत की उस जवाबी कार्रवाई के बाद बर्लिन पहुंचे हैं, जिसमें भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया। यह कार्रवाई 7 मई को की गई, जबकि पाकिस्तान ने 8 से 10 मई तक भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की असफल कोशिश की।
🛑 परमाणु ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी!
जयशंकर ने कहा,
“भारत आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलता है और हम परमाणु धमकियों के आगे झुकने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान के साथ भारत केवल द्विपक्षीय बातचीत करेगा, कोई तीसरा पक्ष इसमें शामिल नहीं होगा।
🌐 भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को 25 साल पूरे
दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को 25 साल पूरे हो चुके हैं। जयशंकर ने कहा कि,
“हमारा रिश्ता अब और भी गहराई, मजबूती और विविधता की ओर बढ़ रहा है। व्यापार, तकनीक, रक्षा, ऊर्जा और टैलेंट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।”
💬 ग्लोबल मंचों पर सहयोग
जयशंकर ने बताया कि भारत-जर्मनी G4 और G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ काम करते हैं। दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक, साइबर सुरक्षा, एआई और जलवायु परिवर्तन जैसे ग्लोबल मुद्दों पर भी विचार साझा किए।
📈 भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पर बात बनी
जयशंकर और वेडफुल के बीच भारत-यूरोपीय संघ FTA पर भी बातचीत हुई। यह समझौता व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने फरवरी 2025 में इस समझौते को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
जर्मन राजदूत फिलिप एकरमैन ने पहले ही कहा था:
“FTA के लिए समय सबसे अनुकूल है।”
🧭 जर्मनी का भारत को समर्थन
वेदफुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “हर देश को आतंक से खुद की रक्षा करने का अधिकार है” और भारत की जवाबी कार्रवाई को उन्होंने उचित बताया। उन्होंने भी भारत-पाकिस्तान मुद्दों को द्विपक्षीय रूप से सुलझाने की वकालत की।
📊 भारत की कूटनीतिक आक्रामकता
भारत लगातार पाकिस्तान पर आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना रहा है:
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IMF से पाकिस्तान को ऋण देने पर आपत्ति।
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FATF में पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में डालने की मांग।
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अब परमाणु ब्लैकमेलिंग और आतंक पर सीधा जवाब।
🧠 भारत का स्पष्ट संदेश — अब बर्दाश्त नहीं!
जर्मनी में एस. जयशंकर के शब्द केवल बयान नहीं, बल्कि भारत की नई कूटनीति का उद्घोष हैं। आतंकवाद, परमाणु धमकियों और दोगली रणनीति के खिलाफ भारत का संदेश स्पष्ट है — अब न कोई बर्दाश्त, न कोई समझौता।
