Jaisalmer bus fire accident: जैसलमेर बस अग्निकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुधवार देर रात बस मालिक तुराब अली और ड्राइवर शौकत को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में दो FIR दर्ज की हैं और जांच तेजी से जारी है।

आर्थिक सहायता पैकेज का ऐलान
इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की है। सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए अलग-अलग मुआवजा राशि तय की है।
- जिन परिवारों में तीन या उससे अधिक लोगों की मौत हुई है, उन्हें कुल 25 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।
- एक या दो मौत होने वाले परिवारों को प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपए दिए जाएंगे।
- गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपए, जबकि
- सामान्य रूप से घायल लोगों को 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में कोई लापरवाही न हो और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था तुरंत सुनिश्चित की जाए।

पीड़ित परिवारों का धरना
इस हादसे के बाद मृतकों के परिजन जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में धरने पर बैठ गए हैं। परिवारों ने उचित मुआवजे और न्यायिक जांच की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है।
अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने परिवारों से बातचीत की, लेकिन देर रात तक कोई सहमति नहीं बन पाई थी। परिजनों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी सभी मांगें पूरी नहीं करती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

Jaisalmer bus fire accident: मरीज वेंटिलेटर पर
इस हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। 54 वर्षीय भागा बानो की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। अब तक एक शव की पहचान नहीं हो पाई है।
महात्मा गांधी हॉस्पिटल, जोधपुर के अनुसार:
- 5 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
- 8 घायल मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
- डीएनए टेस्ट और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया जारी है ताकि शवों को सही परिवारों को सौंपा जा सके।
14 अक्टूबर को हुआ था हादसा
यह हादसा 14 अक्टूबर की दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ, जब जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक प्राइवेट AC स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
- मौके पर ही 19 लोगों की मौत हो गई थी।
- एक व्यक्ति की मौत जोधपुर ले जाते समय रास्ते में हुई थी।
- अब तक कुल 22 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस में आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक अधिकांश यात्री झुलस चुके थे।
बस मालिक और ड्राइवर पर कार्रवाई
जैसलमेर पुलिस ने बस मालिक तुराब अली और ड्राइवर शौकत को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के सबूत मिले हैं।
बस के DVR और दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस की एक टीम चित्तौड़गढ़ RTO कार्यालय भी पहुंची, जहाँ बस का पंजीकरण किया गया था।

चित्तौड़गढ़ RTO में भी गिरी गाज
Jaisalmer bus fire accident: हादसे की जांच के दौरान यह सामने आया कि बस की बॉडी अप्रूवल प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई थी। इस कारण चित्तौड़गढ़ के कार्यवाहक डीटीओ सुरेंद्र सिंह और सहायक प्रशासनिक अधिकारी चुन्नी लाल को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त ने बताया कि जोधपुर में बन रही 66 बसों को जब्त कर लिया गया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Jaisalmer bus fire: भयानक बस अग्निकांड 20 लोगों की मौत…कई घायलों की हालत गंभीर
राजस्थान के जैसलमेर में हुए भयानक बस अग्निकांड में मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि मंगलवार को तीन मरीज वेंटिलेटर पर थे, वहीं बुधवार सुबह दो और मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

बता दें की डॉ. भाटी ने बताया कि मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। परिवारों को इस प्रक्रिया में हो रही देरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वेरिफिकेशन की वजह से थोड़ा समय…पूरी खबर….
