Jaisalmer bus fire: राजस्थान के जैसलमेर में हुए भयानक बस अग्निकांड में मौतों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 20 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी ने बताया कि मंगलवार को तीन मरीज वेंटिलेटर पर थे, वहीं बुधवार सुबह दो और मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें भी वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

Jaisalmer bus fire: अस्पताल प्रशासन पर परेशान करने का आरोप
बता दें की डॉ. भाटी ने बताया कि मृतकों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जा रहे हैं। परिवारों को इस प्रक्रिया में हो रही देरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वेरिफिकेशन की वजह से थोड़ा समय लग रहा है, लेकिन तेजी से काम किया जा रहा है। हादसे के शिकार सेना के जवान के परिजनों ने बुधवार सुबह पहचान प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई थी, जबकि जोधपुर के एक अन्य परिवार ने भी अस्पताल प्रशासन पर परेशान करने का आरोप लगाया है।
बस की डिक्की में पटाखे भरे थे
Jaisalmer bus fire: बताया गया कि मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक एसी स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। हादसे में कई यात्री बस के भीतर फंस गए जबकि कुछ लोग किसी तरह बाहर निकल पाए। आग लगने के कारण को लेकर फिलहाल विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं… कहीं शॉर्ट सर्किट तो कहीं एसी कम्प्रेशर के फटने की बात कही जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि बस की डिक्की में पटाखे भरे थे जिससे आग तेजी से भड़की।
प्रशासन की टीमों ने रातभर राहत कार्य चलाया
प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि घोषित की गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि विस्फोट के बाद आग विकराल रूप ले चुकी थी, और कई लोग बाहर निकल ही नहीं पाए। सेना और प्रशासन की टीमों ने रातभर राहत कार्य चलाया।
