Jaipur to Delhi Flight Delay Technical Issue : दिल्ली एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण जयपुर से दिल्ली जाने वाली कई फ्लाइट्स चार घंटे तक लेट हो गईं। इस खराबी का असर पूरे दिल्ली एयरपोर्ट की फ्लाइट शेड्यूलिंग पर पड़ा, जिससे 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। जयपुर सहित लखनऊ, चंडीगढ़, पटना जैसे अन्य एयरपोर्ट्स पर भी देरी का सिलसिला जारी रहा।
जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्थिति
जयपुर एयरपोर्ट पर देर से उड़ान भरने के कारण यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को चेक-इन काउंटर और गेट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। एयर इंडिया और इंडिगो की फ्लाइट्स में देरी हुई, जिससे कई यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने का खतरा बढ़ गया। होटल व बस सेवा का दबाव भी बढ़ गया। जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने साफ किया कि यहां कोई तकनीकी दिक्कत नहीं है और देरी का कारण केवल दिल्ली एयरपोर्ट की ATC प्रणाली में समस्या आई है।
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एयर ट्रैफिक कंट्रोल
ATC हवाई जहाजों की लैंडिंग, टेकऑफ और मार्गदर्शन हेतु एक महत्वपूर्ण प्रणाली है जो विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। तकनीकी खराबी के कारण ATC कर्मचारी मैन्युअल प्रणाली पर काम करने लगे, जो फ्लाइट संचालन में बाधा बनी। इससे विमान विनियमित समय पर उड़ान नहीं भर सके और यात्रियों को भारी असुविधा हुई।
देरी का व्यापक प्रभाव
यात्रियों की परेशानी: चेक-इन और बोर्डिंग में लंबा इंतजार, कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की संभावना।
ऑपरेशन में बाधा: दिल्ली एयरपोर्ट जहां रोजाना 1,500 से अधिक फ्लाइट संचालित होती हैं, वहां कार्य धीमा पड़ गया।
आसपास के एयरपोर्ट्स पर असर: जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़ समेत कई एयरपोर्ट्स पर उड़ानों के शेड्यूल प्रभावित हुए।
अपकमिंग फ्लाइट्स प्रभावित: देरी के कारण आने वाली उड़ानों का समय भी गड़बड़ा गया, जिससे यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा।
एयरपोर्ट अथॉरिटी का समाधान प्रयास
यातायात नियंत्रण प्रणाली में आई खराबी को दूर करने के लिए तकनीकी टीमें काम कर रही हैं। एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों से धैर्य रखने और अपनी उड़ान स्थिति की लगातार जांच करने की अपील की है। उम्मीद है कि समस्या जल्द ही ठीक होकर उड़ान संचालन सामान्य हो जाएगा।
जयपुर से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट्स में आई इस चार घंटे की देरी ने यात्रियों के लिए दिक्कतें बढ़ा दी हैं। तकनीकी खराबियां हवाईयात्रा में महत्वपूर्ण बाधाएं डालती हैं और समय प्रबंधन को प्रभावित करती हैं। प्रशासन और एयरलाइन कंपनियों को मिलकर ऐसी समस्याओं को रोकने और यात्रियों को बेहतर सूचना देने की जरूरत है इस प्रकार की असुविधा कम से कम हो सके।
