Jaipur bus fire high tension wire : जयपुर के मनोहरपुर इलाके में मजदूरों से भरी बस हाईटेंशन लाइन से टकरा गई और उसमें अचानक आग लग गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग झुलस गए। बस में रखे कई सिलेंडर भी धमाके के साथ फट गए। यह लगातार 15 दिनों के अंदर देश में होने वाला पांचवा बड़ा बस हादसा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
कैसे हुआ हादसा
बस उत्तर प्रदेश के बरेली से मजदूरों को लेकर जयपुर के टोडी स्थित ईंट भट्टे जा रही थी। रास्ते में बस का ऊपरी हिस्सा हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। करंट लगने के साथ ही बस में आग लग गई। मजदूर अंदर फंसे रह गए और चीखपुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण और पुलिस तुरंत बचाव कार्य में जुट गए।
आग और धमाकों ने बनाया हालात और गंभीर
बड़ी संख्या में सिलेंडर फटने से आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। घायलों में से पांच मजदूरों को गंभीर स्थिति में जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया है। कुछ अन्य घायलों का इलाज शाहपुरा अस्पताल में जारी है। मौतों की संख्या तीन हुई है, जिसमें से दो लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया है।
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15 दिनों में 5 हादसे
14 अक्टूबर: जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर चलती एसी स्लीपर बस में आग लग गई थी। इस हादसे में 27 यात्रियों की मौत हो गई थी।
24 अक्टूबर: कुरनूल में एसी बस से बाइक टकराने के बाद आग लग गई थी। हादसे में 20 लोगों की जलकर मौत हो गई। 19 यात्रियों ने बस से कूदकर जान बचाई।
25 अक्टूबर: एमपी के अशोकनगर जिले में शनिवार रात बस में आग लग गई। यह शिवपुरी जिले के पिछोर से इंदौर जा रही थी। बस पूरी तरह जल गई। इसमें इंदौर जाने वाले यात्री सवार थे। बस में सवार एक पुलिसकर्मी और ड्राइवर ने कांच तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
26 अक्टूबर: लखनऊ में आगरा एक्सप्रेस-वे पर चलती AC बस का टायर फट गया। इसके बाद बस में आग लग गई। बय में 70 यात्री सवार थे, सभी बाल-बाल बचे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
जयपुर जिला कलेक्टर और पुलिस की राहत एवं बचाव टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और मेडिकल सहायता मुहैया कराई। अस्पताल प्रशासन ने एमरजेंसी अलर्ट जारी कर मेडिकल टीमों को तैयार रखा। हादसे की जांच में यह पाया गया है कि बस की ऊंचाई हाईटेंशन लाइन के मुक़ाबले ज्यादा थी, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
देश में बढ़ रहे बस हादसे
यह हादसा 15 दिनों के भीतर पांचवां बस हादसा है, जिससे रोड सुरक्षा और बस संचालन के नियमों की गंभीर समीक्षा की मांग उठ रही है। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से तमाम सवाल खड़े हो गए हैं।
