वीपी जगदीप धनखड़ का चौंकाने वाला कदम
21 जुलाई 2025 की शाम को राजधानी दिल्ली में एक राजनीतिक भूचाल आया, जब उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के अध्यक्ष जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य समस्या को वजह बताकर तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया
आधिकारिक वजह: स्वास्थ्य और मेडिकल सलाह
इस्तीफे में उन्होंने स्पष्ट कहा: “To prioritise health care and abide by medical advice, I hereby resign…” संविधान के आर्टिकल 67(a) के तहत जिम्मेदारी छोड़ दी महज महीने भर पहले उनकी AIIMS में एंजियोप्लास्टी हुई थी, लेकिन अंत तक वह सक्रिय दिखे सत्र का पहला दिन उन्होंने राजभवन में पूरी तरह संभाला भी था
विपक्ष और स्थानीय नेताओं की आश्चर्यजनक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि उन्होंने इस्तीफे से कुछ घंटे पहले धनखड़ से बात की थी सभी संकेत सामान्य थे। उन्होंने जांच की मांग की क्योंकि “far more to his totally unexpected resignation than meets the eye”
ममता बनर्जी ने कहा: “Aur kuch garbar hai,” उन्होंने भी खुशी जताई कि कुछ तो बताने की आवश्यकता है झारखंड गठबंधन का भी आरोप धनखड़ ‘Operation Sindoor’ पर बात करना चाहते थे, लेकिन भाजपा ने उनका विरोध किया, जिसके चलते इस्तीफा देना पड़ा
क्या है राजनीतिक रणनीति?
सांसदों के बीच रात में राष्ट्रपति भवन की बैठक, अचानक आगमन और उसी रात राजीनामा सब मिलकर माहौल में रहस्य की झलक देते हैं विपक्ष का दावा धनखड़ ने कई संवैधानिक मसलों पर सवाल उठाए, और सरकार को यह पचा नहीं रही लगती थी। वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के अनुसार “उन्होंने सरकार का विश्वास खोया था”
अब आगे क्या होगा?
राज्यसभा की अध्यक्षता अभी तक चल रही है, जिसे डेप्युटी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह संभाल रहे हैं सरकार की ओर से हड़ताल नहीं आयेगी, लेकिन विपक्ष इस इस्तीफे को संवैधानिक खिलाफत क्यों कहा, यह समझना बाकी है।
हाइलाइट स्टोरीलाइन
- 24 जुलाई 2025: महत्त्वपूर्ण पलों में राजीनामा और स्वास्थ्य को बहाना।
- विपक्ष का अचरज व जांच की मांग।
- Operation Sindoor और संवैधानिक सवाल क्या वीपी पद की आज़ादी खतरे में?
- राज्यसभा की अस्थाई अध्यक्षता और चुनाव चर्चा शुरू।
जगदीप धनखड़ ने सिर्फ एक संवैधानिक पद नहीं छोड़ा उन्होंने एक सवाल खड़ा कर दिया कि क्या स्वास्थ्य उनके इकलौते कारण थे? कहा जा रहा है कि भारत की राजनीति में अब एक नया अध्याय शुरू हो रहा है, जहाँ हर संवैधानिक पद पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं।
