Jagannath Rath Yatra: अहमदाबाद में शुक्रवार को महाप्रभु जगन्नाथ की 148वीं ऐतिहासिक रथ यात्रा धूमधाम और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। यह यात्रा गुजरात का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है और पुरी के बाद अहमदाबाद में निकाली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी रथ यात्रा है।

Jagannath Rath Yatra: दर्शन किए और परिवार सहित आशीर्वाद लिया
रथ यात्रा के शुभारंभ पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जगन्नाथ मंदिर पहुंचे और मंगला आरती में हिस्सा लिया। उनके साथ उनकी पत्नी सोनल शाह भी मौजूद थीं। बेटे जय शाह और उनकी पत्नी ने भी मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए और परिवार सहित आशीर्वाद लिया।
Jagannath Rath Yatra: बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद
इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने रथ यात्रा की परंपरा निभाते हुए सोने की झाड़ू से रथ मार्ग की सफाई की। इसके बाद उन्होंने भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर यात्रा को आगे बढ़ाया। मंदिर परिसर और रथ यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ड्रोन बिना अनुमति के उड़ता पाया गया
इस साल यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। पुलिस ने ड्रोन और एआई कैमरों के जरिये भीड़ और सुरक्षा हालात पर पैनी नजर रखी। इसी दौरान एक ड्रोन बिना अनुमति के उड़ता पाया गया, जिसे पुलिस ने तुरंत गिरा दिया।
Jagannath Rath Yatra: सुभद्रा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की
रथ यात्रा की अहमदाबाद में विशेष मान्यता है। हर साल की तरह इस बार भी यात्रा का शुभारंभ जमालपुर स्थित प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से हुआ। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जुटी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
समक्ष नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक उत्साह चरम पर दिखा। मंगला आरती के समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने बेटे जय शाह के साथ मंच पर उपस्थित रहे और भगवान का आशीर्वाद लिया। वहीं, उनकी पत्नी सोनल शाह ने भी भगवान के समक्ष नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि रथ यात्रा केवल परंपरा नहीं, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक गौरव की पहचान है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के मंगल की कामना की।
इस ऐतिहासिक यात्रा के सफल आयोजन के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की थीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
