पांच दिन से ईरान में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई, इस हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई।
सड़कों पर उतरे GenZ
बता दे कि, ईरान में प्रदर्शन की शुरुआत 28 दिसंबर को हुई थी। राजधानी तेहरान में व्यापारियों ने इसकी शुरुआत की थी। लेकिन अब इसमें हजारों GenZ भी शामिल हो चुके हैं। 31 दिसंबर को एक शख्स की प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी में मौत हुई थी। और लगभग 13 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अब तक इस प्रदर्शन में 6 लोगों समेत 1 पुलिसकर्मी की मौत हो गई है।

ईरानी रियाल की कीमत गिरी
पूरे ईरान में GenZ विरोध कर रहे है। इसका कारण है आर्थिक बदहाली । दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है।
साल की शुरुआत से ईरानी रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। यहां महंगाई इतनी ज्यादा है कि खाने की चीजों की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% तक बढ़ गई है। इसके अलावा सरकार ने 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव किया। जिसने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।
Iran Protest Inflation: राजशाही वापस लाने की मांग
राजधानी तेहरान में यूनिवर्सिटी और बिजनेस क्षेत्रों में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब कई शहरों में फैल चुके हैं। कई इलाकों में बाजार बंद है, और व्यापारी सड़कों पर उतर आए हैं। वे प्रदर्शनकारी कट्टरपंथी मौलानाओं के शासन के खात्मे और राजशाही वापस लाने की मांग कर रहे हैं।

विदेशी हस्तक्षेप जिम्मेदार
Iran Protest Inflation: अयातुल्लाह अली खामेनेई पर निशाना साधा जा रहा था। कुछ वीडियो में लोग निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में उतर गए है। ये लोग नारे लगाते हुए उन्हें सत्ता सौंपने की मांग करते नजर आए।
प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हालात संभालने के लिए मोर्चा संभाला है। उन्होंने इस विरोध के लिए विदेशी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया और देश के लोगों से एकजुट रहने की अपील की है। उन्होंने कहा विदेशी ताकतें देश में फूट डालना चाहती है।
पूर्व PM की पत्नी को जिंदा जलाया..नेपाल के PM, राष्ट्रपति का दिया इस्तीफा..वित्त मंत्री को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने संसद, पीएम ओली, राष्ट्रपति, गृहमंत्री के निजी आवास पर तोड़फोड़ के बाद आगजनी की।प्रदर्शनकारियों ने पूर्व पीएम शेर बहादुर को घर में घुसकर पीटा।
राजधानी काठमांडू में हालात बेहद खराब हैं और सुरक्षा बल हालात को काबू में लाने में नाकाम नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व PM झलनाथ खनाल के घर में आग लगा दी। पूरी खबर..

