Reporter: पवन सोनी
हाल ही में सेमरा टप्पा माध्यमिक शाला में जिले की टीम द्वारा की गई जांच ने स्कूल के प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के बीच चल रही समस्याओं को एक नई दिशा दी है। इस जांच में प्रमुख रूप से पता चला है कि स्कूल में अप्रशिक्षित अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई थी, जो कि शिक्षा के मानकों के विपरीत है।
अनियमितताओं के बारे में शिकायत
इस मुद्दे की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन देकर स्कूल में अतिथि शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं के बारे में शिकायत की थी। कलेक्टर के निर्देश पर, जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को एक टीम गठित कर जांच के लिए निर्देशित किया था।
गुरुवार को की गई जांच में पता चला कि स्कूल में B.Ed और D.Ed धारक आवेदकों के पाँच आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनकी जाँच शाला प्रभारी मंजू सोनी ने की थी। इन आवेदनों के आधार पर संकुल प्रभारी को पत्र लिखा गया, जिसमें उल्लेखित किया गया था कि संबंधित आवेदक जॉइन नहीं हो पाएंगे। इसके चलते अप्रशिक्षित अतिथि शिक्षकों की भर्ती की गई थी।
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वरिष्ठ कार्यालय को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
जांच दल में शामिल हुए हाई स्कूल सियासी के प्रभारी आरके तिवारी, संकुल मोहानी खेजड़ा के प्रभारी बृजबिहारी श्रीवास्तव, और संकुल प्रभारी पूजा कुर्मी ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार किया। जांच के दौरान, उन्होंने अप्रशिक्षित अतिथियों के दस्तावेजों की पुष्टि की और अब इस रिपोर्ट को वरिष्ठ कार्यालय को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
बीआरसी ज्ञान सिंह अहिरवार ने भी एक दिन पहले स्कूल की जांच की थी। उन्होंने पुष्टि की है कि भर्ती में अनियमितताओं की जांच पूरी हो चुकी है और संबंधित कार्रवाई की जाएगी। यह पूरे मामले को लेकर एक सकारात्मक संकेत है कि इस तरह की अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना यह दर्शाती है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना कितना महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में स्थानीय समुदाय की भूमिका भी अहम होती है, जो समय पर शिकायत करके व्यवस्था में सुधार की दिशा में योगदान देते हैं।
