यह सवाल हम सब के ज़ेहन मे कभी ना कभी आता ज़रूर है की share बाजाऱ मे निवेश करने का सबसे उपयुक्त
समय क्या है पर शेयर बाजाऱ की एक कहावत है Nobody Can Never Tame The Bull मायने ये कोई भी नहीं बता
सकता की कब निवेश करना चाहिये I
शुरुआत करते हैं भारतीय शेयर बाजाऱ के इतिहास से
दलाल स्ट्रीट यानी भारतीय शेयर बाजाऱ की शुरुआत 1986 मे हुई थी और तब से लेकर आज तक कई स्वर्णिम दौर
और अवसर आये हैं I 2006 मे पहली बार sensex ने 10000 points का आँकड़ा छुआ और देखते ही देखते 2007 मे
यह 20000 points पर पहुँच गया लेकिन 2008 की वैश्विक मंडी के चलते sensex करीब 61 प्रतिशत गिर गया I
इसी मंदी के चलते ज़्यादातर निवेशकों ने बाजाऱ को अलविदा कह दिया और नया निवेश बहुत सिमित हो गया
लेकिन 2010 तक जैसे ही दुनिया मंदी से उभरी sensex वापस अपने पुराने स्तर पर पहुँच गया I 2017 तक
संभालता संभालता sensex 30000 points पर पहुंचा और इसके बाद शुरू हुआ भारतीय शेयर बाजाऱ का स्वर्णिम दौर
और नित नये कीर्तिमान तोड़ता हुआ sensex सितम्बर 2024 मे 85000 points को छू गया I
तब से लेकर आज तक बाजाऱ ने निवेश के कई मौके दिए और जिसने धैर्य और समझदारी दिखाई उसने भर भर कर मुनाफा कमाया I बाजाऱ के रुख को लेकर कोई भी भविष्यवाणी करना बेहद मुश्किल है लेकिन सबसे अच्छी बात यह रही की विदेशी निवेशकों के साथ साथ घरेलू निवेशकों ने भी बदलते भारत पर भरोसा जताया, भारतीय अर्थव्यवस्था मे व्यापक आर्थिक बदलाव, स्थिर सरकार, भारतीय कंपनियों का performance, सरकारी नितियाँ और RBI की पैनी नज़र और SEBI की पकड़ इन सब ने मिलकर भारत मे निवेश को लेकर एक सकारात्मक माहौल बनाया जिससे बाजाऱ मजबूत हुआ I
हाल के दिनों मे गिरते चढ़ते बाजाऱ से विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण बाजाऱ कमजोर हुआ लेकिन घरेलू
निवेशकों ने लगातार निवेश ज़ारी रखा I इसलिए कहा जाता है शेयर बाजाऱ मे निवेश का कोई समय सही या गलत
नहीं है सिर्फ आपको आत्मविश्वास और धैर्य रखना है और बाजाऱ के प्रति विश्वास रखते हुऐ निवेश शुरू करना है I
सिर्फ निवेश का एक मूल मंत्र याद रखना है की अपनी सारी पूंजी किसी एक शेयर या एक सेक्टर मे निवेश ना करें
बल्कि अपनी पूंजी को विभाजित कर अलग अलग सेक्टर्स मे निवेश करें की यदि एक सेक्टर से रिटर्न्स अच्छा ना
मिले तो बाकी सेक्टर्स से बैलेंस हो जाये और गिरावट के समय अपनी पूंजी निकालने की कोशिश ना करें I
