indore love jihad case: लव जिहाद फंडिंग के गंभीर आरोपों में घिरे कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को इंदौर नगर निगम परिषद ने गुरुवार को पार्षद पद से हटा दिया। दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पास हुआ, जिसमें बीजेपी पार्षदों ने अहम भूमिका निभाई। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया और कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
indore love jihad case: बिना विपक्ष की मौजूदगी के फैसला
बता दें कि इस मामले में निगम ने कादरी को नोटिस भी भेजा था, जिसका जवाब कादरी ने परिषद सम्मेलन में दिया था। विपक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा किसी को अधिकार नहीं है। अनवर कादरी दोषी साबित नहीं हुए हैं। आने वाले समय में कोई स्थिति आएगी तो न्यायपालिका का सहारा लेंगे।
indore love jihad case: महापौर का सीधा सवाल-क्या कांग्रेस लव जिहाद के समर्थन में है?
गुरुवार को निगम परिषद सम्मेलन हुआ। इसमें प्रश्नोत्तर के साथ ही विभिन्न प्रस्तावों को पास किया गया। इसी प्रस्तावों में 67 नंबर पर अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने का प्रस्ताव था। इस प्रस्ताव को भाजपा पार्षद दल ने सदन में रखा।ये प्रस्ताव आने के पहले ही विपक्ष वॉक आउट करके चला गया था।
indore love jihad case: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि….
अनवर कादरी जिन पर कई प्रकार के गंभीर केस में सजा भी हुई है, गंभीर आरोप लगे हैं। लव जिहाद के फंडिंग के आरोप लगे हैं। इन आरोपों पर कांग्रेस ने तब भी कोई संज्ञान नहीं लिया। आज पार्षदों ने पार्षदी खत्म करने जो प्रस्ताव किया उस चर्चा सत्र का भी कांग्रेस ने बायकॉट किया। इसलिए मैं कांग्रेस के सभी बडे़ नेताओं राहुल गांधी, जीतू पटवारी, चिंटू चौकसे उनसे ये पूछना चाहता हूं कि क्या वे लव जिहाद के समर्थन में हैं?
निगम एक्ट की धारा के तहत कार्रवाई
कादरी के प्रस्ताव को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि मेरी जानकारी के हिसाब से इंदौर नगर निगम के इतिहास में पार्षद के निष्कासन का प्रस्ताव नहीं आया होगा। 2003 में जब भी नगर निगम के कानून के संशोधन करके ये प्रावधान लाया गया।यदि परिषद के दो तिहाई सदस्यों को ये लगता है कि किसी पार्षद का कृत्य या उस पर आरोप या उसके दोष इतने गंभीर है कि उसका पार्षद बना रहना निगम हित में शहर हित में नहीं है तो उस कानून का सदुपयोग हुआ। संभागायुक्त को हमने सूचित किया था।
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indore love jihad case: विपक्ष ने जताई आपत्ति
उन्होंने भी अनवर कादरी के खिलाफ पार्षद पद से निष्कासित करने का कार्रवाई शुरू की है। विश्वास है कि संभागायुक्त भी पर्याप्त सुनवाई का समय देने के बाद न केवल पार्षदी समाप्त करेंगे बल्कि उनके अधिकार क्षेत्र में यह भी आता है कि वो आने वाले कुछ सालों के लिए कादरी को पार्षद पद के चुनाव लड़ने से भी रोक सकते हैं।
indore love jihad case: कादरी पर लगे हैं ये आरोप
पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब जून महीने में एक वीडियो वायरल हुआ। उसमें दो युवकों ने दावा किया कि उन्हें अनवर कादरी से पैसे मिले थे ताकि वे हिंदू लड़कियों को प्रेमजाल में फंसा कर धर्म परिवर्तन और वेश्यावृत्ति की ओर धकेल सकें। इस बयान के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया और कार्रवाई शुरू की।
तीन महीने रहे फरार, बेटी भी हुई गिरफ्तार
मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अनवर कादरी की तलाश शुरू की। वे तीन महीने तक फरार रहे और उन पर ₹40,000 का इनाम घोषित किया गया। बाद में 29 अगस्त को उन्होंने कोर्ट में सरेंडर किया। इस दौरान उनकी बेटी आयशा भी गिरफ्तार हुई, उस पर कादरी को छिपाने का आरोप था।
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