Indian Army: मध्यप्रदेश के देवास जिले के संवरसी गांव के वीर सपूत नायक संजय मीणा देश की रक्षा करते हुए अरुणाचल प्रदेश में शहीद हो गए। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर इंदौर लाया गया, जहां से सैन्य वाहन के जरिए उनके पैतृक गांव संवरसी ले जाया गया। गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही शोक की लहर छा गई और माहौल भावुक हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उनके घर के बाहर एकत्र हुए। आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लेकिन तब तक वे शहीद हो चुके थे
संजय मीणा भारतीय सेना में नायक पद पर तैनात थे। उनकी यूनिट हरियाणा के अंबाला में थी, जो हाल ही में सैन्य अभ्यास के लिए अरुणाचल प्रदेश गई थी। 6 अक्टूबर को गश्त के दौरान एक पहाड़ी इलाके में वे गहराई में दब गए थे। हादसे के बाद सेना ने उन्हें खोजने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया, जो तीन दिन तक चला। काफी प्रयासों के बाद संजय मीणा को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वे शहीद हो चुके थे।
पूरे क्षेत्र को गर्व और गम से भर दिया है
उनकी शहादत की खबर मिलते ही संवरसी गांव में मातम पसर गया। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, हर आंख नम हो गई। लोगों ने नम आंखों से देश के इस सपूत को श्रद्धांजलि दी। संजय मीणा की शहादत ने पूरे क्षेत्र को गर्व और गम से भर दिया है।
देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं
आज राजकीय सम्मान के साथ संजय मीणा का अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन और सेना के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। उनकी वीरता और बलिदान को हमेशा याद किया जाएगा। वे उन जवानों में से हैं, जो देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं।
देश उनके परिवार के साथ खड़ा है
Indian Army: संजय मीणा की यह शहादत यह दिखाती है कि हमारे सैनिक किस प्रकार हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उनके बलिदान को नमन करते हुए पूरा प्रदेश और देश उनके परिवार के साथ खड़ा है।
