भारत-जर्मनी रिश्ते: भारत और जर्मनी के बीच रिश्तों में बुधवार को नई ऊर्जा देखने को मिली। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए कुल 19 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का असर सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आम भारतीय यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।
भारत-जर्मनी रिश्ते: अब ट्रांजिट वीजा की झंझट खत्म
इस दौरे का सबसे बड़ा और व्यावहारिक फैसला भारतीय नागरिकों के लिए सामने आया है। अब किसी तीसरे देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के हवाई अड्डों पर ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी।
अब तक यूरोप या अमेरिका जाते समय जर्मनी में लेओवर होने पर भारतीय यात्रियों को एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा लेना पड़ता था, भले ही वे एयरपोर्ट से बाहर न जाएं। यह प्रक्रिया समय-साध्य और कई बार महंगी भी साबित होती थी।
Also Read-बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार, एक और हिंदू की हत्या, 23 दिनों में 7वीं घटना
भारत-जर्मनी रिश्ते: नए फैसले से क्या बदलेगा
जर्मनी के एयरपोर्ट से ट्रांजिट यात्रा होगी आसान
वीजा आवेदन और दस्तावेजी प्रक्रिया से राहत
यूरोप और अमेरिका की यात्रा होगी ज्यादा सुगम
समय और खर्च-दोनों की होगी बचत
यह फैसला खासतौर पर उन यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है, जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में जर्मनी को ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
Also Read-Makar Sankranti 2026: इस दिन से शुरु हो जाते है शुभ काम, जानिए महत्व!
19 समझौतों में किन क्षेत्रों पर जोर
रक्षा औद्योगिक सहयोग
उच्च शिक्षा और रिसर्च
दूरसंचार और आधुनिक तकनीक
व्यापार और निवेश
कौशल विकास और तकनीकी साझेदारी
दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई है कि आर्थिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा और तकनीकी नवाचार में साझा प्रयास किए जाएंगे।
