
India Flood Alert 2025 Sawai Madhapur to Uttarkashi: बादल सिर्फ बरसते नहीं, तबाही भी लाते हैं
India Flood Alert 2025 Sawai Madhapur Uttarkashi: भारत के कई राज्यों में इस समय बारिश जीवनदायिनी नहीं, जानलेवा बन चुकी है। जहाँ एक ओर खेतों को पानी मिलने की उम्मीद थी, वहीं अब घर, स्कूल, सड़कें और ज़िंदगियाँ पानी में डूब रही हैं।
सवाईमाधोपुर में 250 से ज़्यादा घर पानी में समा चुके हैं, उत्तरकाशी में पुल और होटल बह गए हैं, और जम्मू में स्कूल की इमारत लैंडस्लाइड की भेंट चढ़ गई है। हर तरफ से आती तस्वीरें और वीडियो सिर्फ एक ही चीख सुनाते हैं “बचाओ!”
बॉडी देश के अलग अलग कोनों से विनाश की रिपोर्ट
राजस्थान सवाईमाधोपुर में जलप्रलय
राजस्थान के सवाईमाधोपुर ज़िले में हालात बेहद गंभीर हैं। पल्ली पार में 250 से ज़्यादा घर पानी में डूब गए। नेशनल हाईवे 552 पर बहाव इतना तेज़ था कि एक कार समेत तीन लोग बह गए जिनमें से एक की लाश मिल चुकी है, बाकी दो की तलाश जारी है। रेलवे ट्रैक डूब चुके हैं, स्टेशन जलमग्न है और लगातार बारिश की वजह से राहत कार्य में बाधाएं आ रही हैं।
गुजरात टैंकर बहा, NDRF ने बचाई 13 जानें
पोरबंदर जिले के माधवपुर घेड में जलभराव ने भारी परेशानी खड़ी कर दी। दूध का एक टैंकर पानी में बह गया, जिसमें 13 लोग फंस गए थे।
सौभाग्य से, NDRF की टीम ने सभी को सुरक्षित निकाल लिया। ये घटना दिखाती है कि प्राकृतिक आपदा का सामना कभी भी, कहीं भी हो सकता है।
जम्मू कश्मीर स्कूल पर टूटा पहाड़
पुंछ के मंडी सेक्टर में एक स्कूल की बिल्डिंग पर लैंडस्लाइड गिर पड़ा। स्कूल का एक हिस्सा टूट गया, हालांकि छात्रों को समय रहते निकाल लिया गया। हिमालयी क्षेत्र में लगातार बारिश से भूस्खलन का ख़तरा कई गुना बढ़ चुका है।

उत्तराखंड उत्तरकाशी की त्रासदी
उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। अब तक 200 से ज़्यादा लोग लापता हैं। स्याना चट्टी में यमुनोत्री हाईवे पर बनी अस्थायी झील का जलस्तर बढ़ गया है। कई होटल, घर और पुल डूब चुके हैं। 150 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन कई अब भी खतरे में हैं।
हिमाचल प्रदेश अब तक 2282 करोड़ का नुकसान
IMD ने हिमाचल में 23 से 26 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अब तक 149 मौतें, 38 लोग लापता हैं, 347 सड़कें बंद हो गई हैं 281 ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए और 145 जल योजनाएं बाधित हो गई ये आंकड़े नहीं, हज़ारों परिवारों की टूटी उम्मीदें हैं।
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब डूबते खेत, डूबते गांव
मुरादाबाद (UP) में बाढ़ का वीडियो सामने आया, पंजाब के 7 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, हरियाणा में मारकंडा नदी का जलस्तर खतरे के पार हो गया है स्कूल जाने के लिए बच्चे जान जोखिम में डालकर नाले पार कर रहे हैं
अब वक्त है जागने का, सिर्फ मौसम देखने का नहीं!
हर साल मानसून आता है, लेकिन अब हर साल तबाही भी साथ लाता है। इस बार फर्क बस इतना है कि तबाही ज़्यादा तेज़, ज़्यादा व्यापक और ज़्यादा खतरनाक बन चुकी है। सरकारें और एजेंसियां अपनी जगह काम कर रही हैं, लेकिन हम नागरिकों की जिम्मेदारी भी छोटी नहीं है।

