IND vs SA 1st Match: 9 दिसंबर को खेले गए मैच में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 101 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। वहीं 176 के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका टीम 100 रन भी नहीं बना पाई 12.3 ओवर में ऑलआउट हो गई। भारत की इस जीत में हार्दिक पांड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 28 गेंद में 59 रन बनाए और उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का अवॉर्ड दिया गया।
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जीत के बाद हार्दिक पांड्या ने कहा कि – ‘ये मायने नहीं रखता की मुझे क्या चाहिए, देश को क्या चाहिए ये मायने रखता है।’
IND vs SA 1st Match: हार्दिक रहें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’
भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं थी, क्योकि शुभमन आएं 4 रन बनाकर आउट, अभिषेक शर्मा 17 रन, सूर्यकुमार 12 रन, तिलक वर्मा ने 26 रन , शिवम दुबे ने 11 रन, अक्षर पटेल ने 23 रन, जितेश ने 10 रन बनाए। और जब बाकी प्लेयर नहीं चले तो टीम का मोर्च हार्दिक ने संभाला और फिफ्टी लगाकर टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया।
पांड्या ने न सिर्फ टीम इंडिया की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर रहे। बल्कि उन्होंने T-20 में अपने 100 छक्के भी पूरे किएं।
Hardik Pandya Arrived In Fashion
Quick Fire Half Century Which Helped India Post 174 in 20 Overs
A Real Clutch Man of the Indian Team..#INDvsSA #SAvsind #Cricket #IndianCricketpic.twitter.com/c65gEqijLk
— 𝐃𝐢𝐠𝐯𝐢𝐣𝐚𝐲 𝐒𝐢𝐧𝐠𝐡 🇮🇳 (@Knight_riders18) December 9, 2025
जीत के बाद हार्दिक ने क्या कहा?
भारत की जीत के बाद भारतीय टीम के ऑलराउंडर प्लेयर हार्दिक ने कहा कि-
“मुझे अपने शॉट्स पर भरोसा रखना था। साथ ही मुझे पता था कि पिच में थोड़ी सी जान है, थोड़ा हिम्मत का काम था, बस गेंद को सही टाइमिंग से खेलना था, जोर लगाकर गेंद फोड़ने की कोशिश नहीं करनी थी। मैं अपनी बल्लेबाजी से बहुत खुश था। पिछले 6-7 महीने फिटनेस के हिसाब से बहुत शानदार रहे। मैं मेहनत का ज्यादा शोर नहीं करता, लेकिन पिछले 50 दिन परिवार से दूर रहना, NCA में समय बिताना, हर छोटी चीज का ध्यान रखना, जब मैदान पर आता हूं और नतीजे दिखते हैं तो सच में बहुत अच्छा लगता है।”
पांड्या ने आगे कहा कि-
“क्रिकेटर के तौर पर मैं कभी अपनी भूमिका को लेकर नखरे नहीं करता। मेरे लिए हमेशा ये मायने नहीं रखता है कि हार्दिक पंड्या क्या चाहता है। भारत क्या चाहता है, वो मायने रखता है, जब भी मौका मिलता है, पूरा दम लगाता हूं। कुछ दिन अच्छे होते हैं, कुछ दिन नहीं होते, लेकिन सोच हमेशा साफ रहती है। अपने पूरे करियर में मैंने हमेशा टीम को पहले रखा, देश को पहले रखा, चाहे कोई भी टीम हो। मेरी यही सबसे बड़ी ताकत है।
