इमाम एसोसिएशन ने कहा- भारत संविधान से चलेगा, गीता और कुरान से नहीं
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत के भारत को हिंदू राष्ट्र कहने के बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन ने कड़ा ऐतराज जताया है। शनिवार को, संगठन के अध्यक्ष मौलाना साजिद राशिदी ने कहा, “भारत संविधान और कानून से चलेगा, न कि गीता या कुरान से।”
भागवत का हिंदू राष्ट्र बयान
हाल ही में मोहन भागवत ने भारत को हिंदू राष्ट्र कहने वाले बयान को कई बार दोहराया था। उन्होंने शताब्दी वर्ष कार्यक्रम के दौरान भारत के सांस्कृतिक एकता को ज़ोर देते हुए कहा था, “हम सभी के डीएनए में समानता है, चाहे हम किसी भी धर्म के हों। भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र है।” उन्होंने यह भी कहा था कि इसका मतलब किसी को बाहर करना नहीं है, यह केवल सांस्कृतिक एकता की बात है।
इमाम एसोसिएशन का विरोध
मौलाना साजिद राशिदी ने भागवत के बयान का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा बार-बार हिंदू राष्ट्र का ज़िक्र करना बाकी धर्मों का अपमान है। उन्होंने कहा, “भारत का संविधान सबसे ऊपर है। किसी भी धर्म को लेकर इस तरह के बयान न केवल देश की धार्मिक एकता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि संविधान में विश्वास रखने वाले हर नागरिक का अपमान भी करते हैं।”
पर्सनल लॉ पर आपत्ति
राशिदी ने आगे कहा, “हम भारत में मुसलमानों, बौद्धों, सिखों के पर्सनल लॉ को खत्म नहीं होने देंगे। इन कानूनों का हमारे समाज में महत्वपूर्ण स्थान है, और यह हम सबका अधिकार है।”
कांग्रेस का रुख
इस बीच, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने भी भागवत के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा, “भागवत पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं, लेकिन उनका यह बयान लोगों को बहका रहा है। इससे देश में हिंदू-मुस्लिम तनाव बढ़ता है। उन्होंने समझ लिया है कि अब हिंदुत्व के नाम पर वोट मांगना संभव नहीं है।”
सभी धर्मों की समानता का महत्व
भारत का संविधान धर्मनिरपेक्षता और सभी धर्मों के समान अधिकार पर आधारित है। इस संदर्भ में, मौलाना साजिद राशिदी ने धर्मनिरपेक्ष भारत का समर्थन किया और कहा कि हमारा देश संविधान के तहत चलेगा, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाएगा।
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