hostels in Bijapur: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर क्षेत्र में एक हायर सेकेंडरी स्कूल की 3 आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। इस मामले के बाद पक्ष-विपक्ष भी सामने आ रहा है। और तरह-तरह प्रतिक्रिया दे रहा है।

बता दें की ये छात्राएं पोटा केबिन आवासीय संस्था में रहकर पढ़ाई कर रही थीं। इनमें से 2 छात्राएं कक्षा 12वीं और एक छात्रा कक्षा 11वीं की हैं। 2 छात्राएं नाबालिग हैं और सभी करीब पांच माह की गर्भवती बताई जा रही हैं।
नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही थीं
hostels in Bijapur: बताया जा रहा है की छात्राओं के गर्भवती होने की जानकारी जैसे ही सामने आई तो उन्हें लगभग 4 माह पहले संस्था से हटा दिया गया था। इसके बाद से वे नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही थीं।
मामले को लेकर हॉस्टल वार्डन ने कहा कि ‘ये मेरे कार्यकाल का मामला नहीं’ है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए – बघेल
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा है। और उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि आवासीय विद्यालय से आ रही ये खबर चिंता पैदा करती है। पता चला है कि अब सरकारी अमला इस मामले को रफा दफा करने में जुट गया है। मामले की पूरी जांच होनी चाहिए और दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
hostels in Bijapur: स्थानीय लोगों ने बताया कि आश्रम, छात्रावास और पोटा केबिन संस्थाओं का नियमित निरीक्षण नहीं हो रहा, और विभागीय दौरे अक्सर केवल औपचारिकता तक सीमित रह जाते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री और जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे ने पूरे मामले में प्रबंधन और अधिकारियों को दोषी करार देते निष्पक्ष जांच को मांग की है।
