Himachal politics: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के भीतर असंतोष की आहट अब धीरे-धीरे खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दावा किया है कि पार्टी कार्यकर्ता मौजूदा व्यवस्था से नाखुश हैं। मंडी जिले के दरंग विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए ठाकुर बोले कि समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे हैं, जिससे उनमें निराशा और असंतोष तेजी से बढ़ रहा है।

‘अपनी सरकार में भी कार्यकर्ता हो रहे परेशान’- ठाकुर
ठाकुर ने इस अवसर पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपने ही कामों के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने तंज कसते हुए सवाल उठाया कि जब “अपनी” सरकार में ही कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे, तो ऐसी सरकार का क्या फायदा?
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरी ओर भाजपा कार्यकर्ताओं के काम तेजी से हो रहे हैं, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में और ज्यादा असंतोष पनप रहा है।
प्रमोशन और नियुक्तियों पर खड़े किये सवाल
पूर्व मंत्री और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर ने शिक्षा विभाग से जुड़े एक मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्कूल प्रधानाध्यापकों की प्रोन्नति के लिए कुछ नाम सुझाए थे, लेकिन उन्हें मंडी में तैनात करने के बजाय किब्बर और पांजई जैसे दूरदराज इलाकों में भेज दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू को व्यक्तिगत रूप से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
‘अनदेखी भारी पड़ेगी’- ठाकुर ने दी सरकार को चेतावनी
अंत में ठाकुर ने साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्टी कार्यकर्ताओं की जायज मांगों को नजरअंदाज किया जाता रहा, तो कांग्रेस को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उनके अनुसार, जब वरिष्ठ नेताओं की सिफारिशों पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा, तो आम कार्यकर्ता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।
