Benefits of Natural Medicine: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास टाइम नहीं होता की वो खुद की त्वचा और स्वास्थ्य का ख्याल रख पाएं ऐसे में उन्हें आए दिन डॉक्टर के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार त्वचा अच्छी बने रहे इसके लिए कई केमिकल युक्त प्रोडक्ट का भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कई बार वह हमारी त्वचा को फायदे देने की जगह कई बार वह हमारी बॉडी को नुकसान पहुंचा देती हैं। ऐसे में आज हम ऐसी प्राकृतिक औषधीय के बारें में बताएंगे, जिसको खाने से स्वस्थ रहते हैं और त्वचा रोग होने की संभावना कम हो जाती है। वह औषधीय कोई और चीज नहीं बल्कि नीम की पत्तियां है आइए जानते है फायदे…
Benefits of Natural Medicine: बरसो से इस औषधीय का हो रहा उपयोग
नीम को संस्कृत में “अर्जुन वृक्ष” और “सर्व रोग निवारिणी” के नाम से जाना जाता है, इसका अर्थ- ‘यह सभी प्रकार के रोगों का निवारण कर सकता है।’ इसका वैज्ञानिक नाम Azadirachta indica है। नीम का वृक्ष मुख्य रूप से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में पाया जाता है। यह गर्म और शुष्क जलवायु में भी आसानी से उग जाता है।
इसके औषधिय गुण के बारें में चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में भी मिलता है। इसके अलावा, यूनानी और तिब्बती चिकित्सा पद्धति में भी खूब उपयोग किया जाता है।
नीम के स्वास्थ्य लाभ-उपयोग..
त्वचा के लिए उपयोगी
प्रतिदिन नीम के पत्ते चबाने विषैले पदार्थ को बाहर निकलते हैं और रक्त को शुद्ध करते है, जिससे त्वचा चमकदार और खूबसूरत हो जाती है और तेल का उपयोग विभिन्न त्वचा रोगों के उपचार में किया जाता है। एक्जिमा, सोरायसिस, मुंहासे और फोड़े-फुंसी को ठीक करता है। नीम की पत्तियों का पेस्ट लगाने से त्वचा में चमक आती है और दाग-धब्बे कम होते हैं।

नीम के अर्क का उपयोग साबुन, शैंपू, फेसवॉश और क्रीम में किया जाता है। यह त्वचा को साफ और स्वस्थ बनाए रखता है।
दांत और मसूड़ों के लिए रामबाण
पुराने समय से ही लोग नीम की टहनी का दातून के रूप में उपयोग करते आए हैं। यह मसूड़ों की सूजन को कम करता है और दांतों को मजबूत बनाता है। मुंह के बैक्टीरिया को खत्म करके सांसों को ताजा रखने में मदद करता है।
इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार
नीम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को बढ़ाते हैं। जो शरीर में हो रहे संक्रमण से लड़ने में मदद करता हैं।
बालों के ग्रोथ को बढ़ाए
नीम बालों से संबंधित समस्याओं के लिए एक प्राकृतिक शानदार उपचार है। नीम के पत्तों को चबाने से रूसी, रूखी खोपड़ी और खुजली से निपटने में मददगार सबित हो सकती है। इसमें मौजूद एंटीफंगल गुण खोपड़ी को स्वस्थ और संक्रमण से मुक्त रखने में मदद करते है।

डायबिटीज नियंत्रण में सहायक
नीम की पत्तियां रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करती है, रोजाना नीम की पत्तियों का रस पीने से इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है।
यह मधुमेह रोगियों के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में काम करता है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
नीम की पत्तियों का काढ़ा पेट के कीड़ों को पूरी तरह से समाप्त कर देता है, यह गैस, अपच और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करता है। लीवर को डिटॉक्स करने में मदद करने में मददगार है।
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